Patna News: PMCH में स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा एक्शन, शिकायतों में घिरे डॉ सरफराज आलम का मुजफ्फरपुर तबादला
Patna News: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सर्जरी विभाग में तैनात डॉ. सरफराज आलम का तबादला कर उन्हें मुजफ्फरपुर भेज दिया गया है।...
Patna News:बिहार के सरकारी अस्पतालों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अस्पतालों के औचक निरीक्षण और लापरवाही पर कार्रवाई के सिलसिले में अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के सर्जरी विभाग में तैनात डॉ. सरफराज आलम का तबादला कर उन्हें मुजफ्फरपुर भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई उनके खिलाफ मिली गंभीर शिकायतों और प्रारंभिक जांच के आधार पर की है।सूत्रों के अनुसार, डॉ. सरफराज आलम के खिलाफ लंबे समय से कई शिकायतें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच रही थीं। आरोप है कि उन्होंने एमबीबीएस पार्ट-2 की परीक्षा के दौरान हंगामा किया, असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और महिला डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच कराई, जिसके बाद उन्हें पीएमसीएच से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि 29 जून को पीएमसीएच में एमबीबीएस पार्ट-2 की परीक्षा शुरू होने से पहले सर्जरी विभाग में विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। विभागाध्यक्ष की शिकायत के मुताबिक, डॉ. सरफराज आलम ने परीक्षा स्थल पर कथित तौर पर हंगामा किया और अनुचित भाषा का प्रयोग किया, जिससे परीक्षा का माहौल प्रभावित हुआ। हालांकि विभागाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। बाद में इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पीएमसीएच के प्राचार्य और अधीक्षक को भेजी गई।
यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. सरफराज आलम विवादों में आए हों। इससे पहले एक जूनियर महिला डॉक्टर ने भी उन पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ एससी-एसटी थाना में भी दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि उस मामले की जांच अभी जारी है। इसी बीच नई शिकायतें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उनका तबादला कर दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पीएमसीएच के औचक निरीक्षण के दौरान प्राचार्य के अनुपस्थित मिलने पर उन्हें हटाने का निर्देश दिया था। अब डॉ. सरफराज आलम के खिलाफ हुई कार्रवाई को भी उसी सख्त प्रशासनिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि सरकारी अस्पतालों में अनुशासन, कार्य संस्कृति और मरीजों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, डॉ. सरफराज आलम की ओर से इन आरोपों और तबादले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।