Valentine Day : ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’....वैलेंटाइन डे के खिलाफ पटना में लगे पोस्टर, हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़े को थमाई हनुमान चालीसा

Valentine Day : ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोन

PATNA : देशभर में आज 14 फरवरी को जहां वैलेंटाइन डे की धूम है, वहीं बिहार की राजधानी पटना में इस दिन का कड़ा विरोध देखा जा रहा है। शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर सुबह से ही 'संस्कृति बचाओ' अभियान के तहत भारी गहमागहमी बनी हुई है। एक ओर जहां युवा इस दिन को प्रेम के उत्सव के रूप में मनाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

इस विरोध प्रदर्शन का सबसे चर्चित पहलू पटना की सड़कों पर लगे पोस्टर रहे हैं। हिंदू शिवभवानी सेना के नाम से लगाए गए इन पोस्टरों पर "जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना" जैसी सख्त चेतावनियां लिखी गई हैं। इन पोस्टरों के जरिए युवाओं को सचेत किया गया है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर वैलेंटाइन डे मनाने से बचें। संगठन का दावा है कि यह विदेशी संस्कृति भारतीय संस्कारों के विपरीत है और इससे समाज में अश्लीलता का प्रसार हो रहा है।

विरोध के बीच संगठन के कार्यकर्ताओं ने आज पटना के विभिन्न इलाकों में भ्रमण किया और जहां भी प्रेमी जोड़े नजर आए, उन्हें रोककर इस दिन को न मनाने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़ों को डराने-धमकाने के बजाय एक अलग तरीका अपनाते हुए उन्हें हनुमान चालीसा की प्रतियां भेंट कीं। कई युवाओं को चेतावनी देकर छोड़ा गया और उन्हें भारतीय संस्कृति के गौरव को समझने की नसीहत दी गई।

संगठन की ओर से यह भी दलील दी जा रही है कि 14 फरवरी का दिन केवल प्रेम के इजहार का नहीं, बल्कि देश के लिए बलिदान को याद करने का है। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि युवा वर्ग इस दिन को पुलवामा के शहीदों को नमन करने और उनके शौर्य को याद करने के रूप में मनाए। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर दो गुट बन गए हैं, जहां एक तरफ व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ 'शहीद दिवस' और 'संस्कृति रक्षा' के नारे वायरल हो रहे हैं।

हैरानी की बात यह रही कि जब कार्यकर्ता पार्कों में प्रेमी जोड़ों को रोक रहे थे और चेतावनियां दे रहे थे, तब वहां मौजूद प्रशासन की टीम काफी हद तक निष्क्रिय नजर आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस बल मौके पर खड़ा तो रहा लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों में कोई खास हस्तक्षेप नहीं किया। फिलहाल, शहर के प्रमुख पार्कों और मॉल्स के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।