फाइलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अभियान: बिक्रम के स्कूलों में 'क्यू-फैट' किट से बच्चों की जांच शुरू

पटना जिले के बिक्रम प्रखंड सहित कई इलाकों के सरकारी और निजी स्कूलों में 'ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे-1' (TAS-1) की शुरुआत हो चुकी है।राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कक्षा 1 और 2 के बच्चों के ब्लड सैंपल लेकर 'क्यू-फैट' किट से जांच

Patna bikram schools filaria transmission assessment survey
बिक्रम के स्कूलों में 'टास-1' सर्वे की शुरुआत,कक्षा 1 और 2 के बच्चों की जांच हो रही- फोटो : Reporter

पटना जिले के बिक्रम प्रखंड के सरकारी और निजी विद्यालयों में शनिवार से 'ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे-1' (TAS-1) की शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में फाइलेरिया का संक्रमण किस हद तक नियंत्रित हुआ है। इस सर्वे के जरिए जमीनी स्तर पर संक्रमण की वास्तविक और वैज्ञानिक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा, जो फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


बच्चों की जांच: कक्षा 1 और 2 के छात्रों के लिए क्यू-फैट किट का इस्तेमाल

इस स्वास्थ्य अभियान के तहत मुख्य रूप से प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 और 2) के छोटे बच्चों को लक्षित किया गया है। सर्वे टीम स्कूलों में जाकर इन नन्हे विद्यार्थियों के रक्त के नमूने (Blood Samples) ले रही है। इन नमूनों की तत्काल जांच के लिए आधुनिक 'क्यू-फैट' (Q-FAT) किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में शुरुआती स्तर पर ही संक्रमण की पहचान करने और इस बीमारी को आगे फैलने से रोकने के लिए यह आयु वर्ग सबसे महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों की मौजूदगी: स्वास्थ्य और स्कूल टीम के साझा प्रयास से उद्घाटन

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद ने किया। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मनोज कुमार, कल्याणी, मनीष कुमार और पिरामल स्वास्थ्य से प्रदीप कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, विद्यालय स्तर पर जांच टीम को पूरा सहयोग देने के लिए प्रधानाध्यापक उत्तम कुमार सहित सहायक शिक्षक अमरदीप कुमार और अनु कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

जिले का दायरा: पटना के कई प्रखंडों में अभियान, नौबतपुर रहा पूरी तरह सुरक्षित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह टास-1 गतिविधि केवल बिक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि पटना जिले के बख्तियारपुर, बाढ़, बेलची, मोकामा, घोसवरी और पटना शहरी क्षेत्र के चयनित विद्यालयों में भी एक साथ संचालित की जा रही है। विभाग के लिए एक राहत भरी खबर यह भी रही कि इससे पहले नौबतपुर प्रखंड में 1,533 बच्चों की जांच की गई थी, जिसमें एक भी बच्चा फाइलेरिया से संक्रमित नहीं पाया गया। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूरे सर्वे से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को और अधिक मजबूती मिलेगी।

रिपोर्ट- ऋषिकेश