पत्रकारों के मुद्दे पर बिहार विधानसभा में भारी हंगामा, सरकार के रवैए पर भड़का विपक्ष तो स्पीकर का बड़ा आश्वसन

एक संस्थान के प्रेस प्रतिनिधि का विधानसभा परिसर में प्रवेश रोके जाने पर सारे मीडिया कर्मियों ने कवरेज करना बंद कर दिया है।

Bihar Assembly
Bihar Assembly- फोटो : news4nation

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पत्रकारों से जुड़े मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ किए जा रहे व्यवहार और खबरों के बहिष्कार को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने इस मामले पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।


दरअसल, जेडीयू के एक विधायक  की ओर से पत्रकारों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। इसके बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों ने कवरेज का बहिष्कार कर दिया है। एक संस्थान के प्रेस प्रतिनिधि के विधानसभा परिसर में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के विरोध में मीडिया कर्मियों ने कैमरे नीचे रख दिए हैं। पत्रकारों ने न तो फोटोग्राफी की और न ही विधानसभा परिसर में होने वाली गतिविधियों की कवरेज की।


विधानसभा पोर्टिको के बाहर विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शन किया, लेकिन मीडिया कर्मियों ने प्रदर्शन और सदन से जुड़ी गतिविधियों की तस्वीरें भी नहीं लीं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आवाज उठाई और विधानसभा अध्यक्ष से मामले का समाधान निकालने की मांग की।


विपक्षी सदस्यों ने कहा कि पत्रकारों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर पहले बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि पत्रकारों को पहले की तरह कवरेज की सुविधाएं और व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। विपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मामले में सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वह सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होगा।


विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने विपक्ष की मांग पर कहा कि इस मुद्दे को लेकर पत्रकारों से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी पत्रकारों के साथ इस विषय पर चर्चा की गई थी और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।


स्पीकर प्रेम कुमार ने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोपहर 12 बजे का समय दिया गया है। इस दौरान पत्रकारों से जुड़े मामले को सदन में उठाया जा सकता है और सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी।