Bihar Budget Session: सदन में गेस्ट फैकल्टी को लेकर भारी बवाल, उम्र सीमा बढ़ाने की मांग पर सरकार ने क्या दिया जवाब, जानिए....

Bihar Budget Session: सदन में गेस्ट फैकल्टी को लेकर भारी बवाल जारी है। सदन में उम्र की सीमा को लेकर भारी बवाल हुआ, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की समधन ने सरकार को इस मामले में घेरा।

शिक्षा मंत्री
सदन में भारी बवाल - फोटो : social media

Bihar Budget Session: बिहार विधानसभा में तकनीकी संस्थानों में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी के भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बाराचट्टी की विधायक ज्योति देवी द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि गेस्ट फैकल्टी को 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बनाए रखने का प्रावधान नहीं है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे स्थायी शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ होगा।

उम्र सीमा बढ़ाने को लेकर बवाल 

इस मुद्दे पर बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि लंबे समय से कार्यरत गेस्ट शिक्षकों का समायोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों की उम्र अब इतनी हो चुकी है कि वे किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। वहीं विधायक रोमित कुमार ने हरियाणा की तर्ज पर गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की और इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों का हवाला भी दिया।

सरकार करेगी विचार 

सदन में यह भी जानकारी दी गई कि अब तक विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा लगभग 3,000 नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे संबंधित न्यायालय के फैसलों का अध्ययन करेंगे और सुझावों पर विचार किया जाएगा। विधायक ज्योति देवी ने प्रस्ताव रखा कि नई नियमावली के तहत इन शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता निकाला जा सकता है। 

500 गेस्ट फैकल्टी दे चुके हैं सेवा  

मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2010 से 2024 के बीच 500 से अधिक शिक्षक गेस्ट फैकल्टी के रूप में तकनीकी संस्थानों में सेवाएं दे चुके हैं। अब इन शिक्षकों के भविष्य को लेकर सरकार के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

पटना से रंजन की रिपोर्ट