पटना के मरांची अस्पताल में मानवता शर्मसार, इलाज के इंजतार में हॉस्पिटल के बाहर तड़पता रहा मरीज देखने तक नहीं निकले चिकित्सक!
बिहार के सरकरी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच पटना के मोकामा में मरांची PHC में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना देखने को मिली है.
Bihar News : बिहार के मोकामा में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मोकामा के प्राथमिक उपचार केंद्र मराँची में मंगलवार को एक डूबे हुए युवक को इलाज के लिए लाया गया, लेकिन अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी काफी देर तक बाहर ही नहीं निकले। मरीज करीब एक घंटे तक बस के अंदर तड़पता रहा। वहीं डॉक्टर साहब एसी और पंखे की ठंडी हवा खाते रहे जबकि बाहर भीषण गर्मी में मरीज कराहता और तड़पता रहा।
दरअसल, हाथीदह थाना क्षेत्र के राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा स्नान के दौरान एक युवक नदी में डूब गया था। वहां मौजूद स्थानीय मछुआरों ने युवक को नदी से बाहर निकाला और घाट पर खड़ी एक बस से उसे प्राथमिक उपचार केंद्र मराँची लेकर पहुंचे।
बस चालक ने अस्पताल के अंदर जाकर चिकित्साकर्मियों को युवक की गंभीर हालत की जानकारी दी और तत्काल इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। आरोप है कि इसके बावजूद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी बाहर नहीं आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई बार सूचना देने के बाद भी कोई चिकित्साकर्मी मरीज को देखने नहीं पहुंचा।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और वीडियो बनाना शुरू किया। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी बाहर निकले। प्राथमिक उपचार के बजाय युवक को अनुमंडल अस्पताल बाढ़ रेफर कर दिया गया। गंगा में डूबे युवक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। उसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।