Bihar Teacher News: बिहार में पति-पत्नी कर रहे टीचर घोटाला ! महिला शिक्षक पर BDO भी हुए मेहरबान, जमकर दिखाई दरियादिली
Bihar Teacher News: बिहार में पति-पत्नी कर टीचर घोटाला करते हुए पकड़े गए हैं। यही नहीं इस मामले में बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। फिलहाल गृह विभाग ने जांच का आदेश जारी कर दिया।

Bihar Teacher News: बिहार के शिक्षा विभाग को सुधारने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसी बीच एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां प्रधानाध्यापिका के स्थान पर उनके पति स्कूल चलाते दिखे। इसकी सूचना पहले शिक्षा विभाग को दी गई जिसके बाद राजभवन होते हुए गृह विभाग तक इसकी जानकारी पहुंची। गृह विभाग ने इस मामले में जांच का आदेश दिया है। दरअसल, भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय दुधैला, बैकटपुर से बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। यहां प्रभारी प्रधानाध्यापिका रिंकु कुमारी की जगह उनके पति राकेश कुमार शर्मा स्कूल चलाते रहे।
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि रिंकु कुमारी कई दिनों तक विद्यालय में अनुपस्थित रहीं, लेकिन उनकी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होती रही। 24 नवंबर 2024 को बीपीएम अमित कुमार चौधरी की जांच में स्कूल के बच्चों ने खुलासा किया कि पढ़ाई रिंकु कुमारी के पति कराते हैं। 20, 23, 25, 26 और 29 नवंबर 2024 की उपस्थिति फर्जी पाई गई। फरवरी 2025 में शिक्षिका को निलंबित किया गया, लेकिन जून में तत्कालीन बीडीओ ने महिला होने का हवाला देकर निलंबन समाप्त कर दिया।
शिक्षा संवाद कार्यक्रम में भी पति का नाम
बताया जा रहा है कि जनवरी 2024 में आयोजित शिक्षा संवाद कार्यक्रम के लिए रिंकु कुमारी की जगह उनके पति राकेश कुमार को नामित किया गया। गृह विभाग ने इसे गंभीर माना और 4 अगस्त 2025 को प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम को जांच करने का निर्देश दिया।
शिक्षक की कमी के कारण पति लेते हैं क्लास
रिंकु कुमारी का कहना है कि विद्यालय गंगा नदी के बीच टापू पर है, जहां आना-जाना कठिन है। पहले केवल दो शिक्षक थे, इसलिए उनके पति ग्रामीणों के सहयोग से कक्षाएं लेते थे। अब नए शिक्षक आ गए हैं, इसलिए उनके पति पढ़ाई नहीं कराते। नेटवर्क समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत हुई होगी।
बीडीओ पर गिर सकती है गाज
नारायणपुर की बीडीओ खुशबू कुमारी का कहना है कि यह मान लेना तर्कसंगत नहीं है कि शिक्षिका स्कूल न जाएं और उनकी उपस्थिति दर्ज होती रहे। उन्होंने कहा कि मामला सुलझा लिया गया है। वहीं गृह विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि तत्कालीन बीडीओ की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। यह पूरा मामला अब गृह विभाग और जिला प्रशासन की जांच के अधीन है।