पटना ADM और रजिस्ट्रार पत्नी की 2.5 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा, ADG निगरानी ने जारी किया आधिकारिक ब्योरा

निगरानी मुख्यालय के ADG जितेंद्र सिंह गंगवार ने दावा किया है कि सरकारी पदों पर तैनात एडीएम (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की जिला सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्विटी ने अपनी ज्ञात आय से ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है...

पटना ADM और रजिस्ट्रार पत्नी की 2.5 करोड़ की अवैध संपत्ति का
ADG निगरानी का बड़ा दावा- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। निगरानी मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) जितेंद्र सिंह गंगवार ने दावा किया है कि सरकारी पदों पर तैनात एडीएम (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की जिला सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्विटी ने अपनी ज्ञात आय से ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। सोमवार को दोनों अधिकारियों के कुल 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी।


पटना के रूपसपुर और बेगूसराय के पैतृक आवास सहित 4 ठिकानों पर छापेमारी 

विजिलेंस एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि एडीएम दंपत्ति के पटना के रूपसपुर, दानापुर स्थित कश्यप ग्रीनसिटी और बेगूसराय स्थित उनके पैतृक आवास सहित कुल 4 ठिकानों पर सघन तलाशी ली गई। जांच में प्राथमिक रूप से सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने अपनी घोषित वैध आय की तुलना में लगभग 47 प्रतिशत अधिक अवैध संपत्ति (Disproportionate Assets) हासिल की है।


1.06 करोड़ कैश, 24 लाख के जेवर और 6 लाख की ब्रांडेड घड़ियां बरामद 

एडीजी ने बरामदगी का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों से छापेमारी के दौरान कुल 1 करोड़ 6 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई है। इसके अलावा, अधिकारियों के पास से 24 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण व ज्वेलरी, 6 लाख रुपये मूल्य की ब्रांडेड कंपनियों की महंगी कलाई घड़ियां, कई बैंक खातों के कागजात तथा अचल संपत्तियों एवं जमीनों में निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।


निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई जारी, इस वर्ष अब तक भ्रष्टाचार पर 114 FIR दर्ज 

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई तेजी से जारी है। जब्त दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक कुल 114 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, जो विगत वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं और यह भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती हैं।


जांच के दायरे में आए कई अन्य निवेश, निगरानी की टीम कर रही पड़ताल 

निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एडीएम दंपत्ति द्वारा बेनामी संपत्तियों में किए गए निवेश और अन्य शैल कंपनियों/बैंक खातों के माध्यम से किए गए लेन-देन की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया जाएगा।

अनिल की रिपोर्ट