विधानसभा में प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने नीतीश सरकार की कराई फजीहत, गलत जवाब देकर बुरे फंसे
प्रभारी मंत्री के रवैए से विधानसभा अध्यक्ष भी हैरान नजर आए। बाद में अध्यक्ष ने मामले को देखते हुए संबंधित प्रश्न को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
Bihar Budget : बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी मंत्री बनाए गए प्रमोद चंद्रवंशी के कारण सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। सदन में उनके जवाबों को लेकर विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के सदस्यों में भी असंतोष देखने को मिला। कार्यवाही के दौरान प्रमोद चंद्रवंशी ने कई सवालों के जवाब देते समय गड़बड़ी कर दी। उन्होंने पूर्वी चंपारण के एक विधायक के सवाल का जवाब गलती से बेलागंज के विधायक के सवाल के संदर्भ में पढ़ दिया। इस गलती के बाद सदन में हलचल बढ़ गई। सवाल ढाका में ब्लड बैंक खोलने का था लेकिन वे बेलागंज से जुड़ा जवाब दे रहे थे।
स्थिति तब और अजीब हो गई जब बेलागंज की विधायक अपने सवाल के जवाब से संतुष्ट हो चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद प्रभारी मंत्री उसी जवाब को पढ़ते रहे। प्रभारी मंत्री के इस रवैए से विधानसभा अध्यक्ष भी हैरान नजर आए। बाद में अध्यक्ष ने मामले को देखते हुए संबंधित प्रश्न को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
सदन में यह पहला मौका नहीं था जब प्रभारी मंत्री जवाब देने में असहज नजर आए। सदन में पूछे गए अन्य सवालों के दौरान भी वे स्पष्ट जवाब देने में असफल रहे, जिसके बाद सरकार की ओर से दूसरे मंत्रियों को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रियों को अपने विभाग की जानकारी नहीं है और सदन में गंभीर मुद्दों पर लापरवाही बरती जा रही है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अंग्रेज़ी शब्दों में उलझन
इसके पहले बिहार विधान परिषद में आज उस समय अजीब स्थिति बन गई जब स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पर प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी अंग्रेज़ी शब्दों में उलझते नजर आए। सहरसा के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने सवाल उठाया कि बिहार में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च सिर्फ 701 रुपये है, जो पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी कम है।
सदन में भारी बवाल
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सदन में मौजूद नहीं थे, उनकी जगह प्रभारी मंत्री के रूप में प्रमोद चंद्रवंशी जवाब दे रहे थे, लेकिन वे सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही। मामला बढ़ता देख संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी बीच में आए और स्थिति को संभाला, जिसके बाद सदन में माहौल शांत हुआ।
रंजन की रिपोर्ट