Indian Railway: ट्रेन छूटने का डर खत्म ! रेलवे का करोड़ों यात्रियों को बड़ा तोहफा, अब जहां से चाहें वहां से पकड़ें अपनी ट्रेन, जानिए नया नियम

Indian Railway: अब अगर आपकी ट्रेन छूट भी जाती है तो आपको घबराने की आवश्कता नहीं है, रेलवे ने करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा तोहफा लाया है। रेलवे के नए नियम के अनुसार अब आप जहां से चाहे वहीं से ट्रेन पकड़ सकते हैं।

ट्रेन छूटने का डर खत्म !
ट्रेन छूटने का डर खत्म ! - फोटो : reporter

Indian Railway: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यात्री अपनी ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 24 घंटे पहले (या चार्ट बनने से पहले) अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकते हैं। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो अंतिम समय में अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करते हैं। खास बात यह है कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद भी आपका टिकट वैध रहेगा और टीटीई आपकी सीट किसी और को आवंटित नहीं कर सकेगा।

 रेलवे का नया नियम 

दरअसल, रेलवे बोर्ड ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की मौजूदा जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री ट्रेन का चार्ट तैयार होने से ठीक पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को आरक्षण सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा उन यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जिनकी यात्रा योजना अंतिम समय में बदल जाती है या जिन्हें किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। 

बोर्डिंग स्टेशन बदलना हुआ आसान 

बता दें कि, अब तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए यात्रियों को काफी पहले अनुरोध करना पड़ता था, क्योंकि ट्रेन का आरक्षण चार्ट निर्धारित समय से कई घंटे पहले तैयार होना शुरू हो जाता है। प्रस्तावित बदलाव के बाद प्रक्रिया अधिक लचीली हो जाएगी और यात्रियों को अंतिम समय तक विकल्प मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा प्रीमियम ट्रेनों में भी लागू की जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्री चार्ट बनने से लगभग 15 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। 

यात्रियों को मिलेगा लाभ 

इससे विशेष रूप से बिजनेस यात्रियों और आपातकालीन यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इस कदम से ‘नो-शो’ यात्रियों की संख्या घटेगी और खाली सीटों का बेहतर उपयोग संभव होगा। ऑनलाइन टिकटिंग, सीट अपग्रेडेशन और रियल टाइम अपडेट जैसी सुविधाओं के बाद यह बदलाव यात्री अनुभव को और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।