मद्यनिषेध विभाग का बड़ा एक्शन: दो नंबर प्लेट वाली कार से 1350 बोतल शराब बरामद, दो तस्कर दबोचे
बिहार के सुपौल में मद्यनिषेध विभाग ने शराब तस्करों के एक शातिर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सिमराही मद्यनिषेध थाना पुलिस ने चम्पानगर मार्ग पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर एक ऐसी कार को पकड़ा है, जिस पर पुलिस को चकमा देने के लिए दो अलग-अलग राज्यों के
Supaul - : बिहार में शराबबंदी को धता बताने वाले तस्करों के खिलाफ सुपौल पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सिमराही मद्यनिषेध थाना पुलिस ने चम्पानगर मार्ग पर छापेमारी कर 45 पेटी नेपाली शराब के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार पर दो अलग-अलग राज्यों के नंबर प्लेट लगा रखे थे।
गुप्त सूचना पर चम्पानगर मार्ग पर घेराबंदी
सुपौल जिले के राघोपुर थाना अंतर्गत चम्पानगर मार्ग पर सिमराही मद्यनिषेध थाना पुलिस ने शनिवार को अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ने में कामयाबी हासिल की। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के बादशाह चौक से भारी मात्रा में शराब लोड कर एक कार पिपरा सखुआ की ओर जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने चम्पानगर मार्ग पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया।
कार की तलाशी में मिली 'सोफिया' ब्रांड की शराब
जांच के दौरान जब एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। कार के अंदर से कुल 45 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें नेपाली देशी शराब 'सोफिया' ब्रांड की 1350 बोतलें छिपाई गई थीं। पुलिस ने तुरंत शराब की खेप और तस्करी में प्रयुक्त कार को अपने कब्जे में ले लिया।
दो राज्यों के नंबर प्लेट से पुलिस को देने की कोशिश थी मात
इस गिरोह की शातिर कार्यप्रणाली का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने कार की नंबर प्लेट की जांच की। तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही कार पर दो अलग-अलग नंबर प्लेट— बिहार (BR11AH 3787) और पश्चिम बंगाल (WB74AB0321) पाए गए। तस्कर इन नंबरों का इस्तेमाल अलग-अलग जिलों और राज्यों की सीमाओं पर पुलिस को भ्रमित करने के लिए करते थे।
मनीष और नीरज के रूप में हुई तस्करों की पहचान
मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनीष कुमार (निवासी परसा, प्रतापगंज) और नीरज कुमार (निवासी जयनगरा) के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह नेटवर्क नेपाल से शराब लाकर बिहार के स्थानीय बाजारों में खपाने का काम कर रहा था। पुलिस अब इनके पूरे सिंडिकेट और अन्य मददगारों की तलाश में जुट गई है।
टीम में शामिल रहे जांबाज पुलिसकर्मी
इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एएसआई विजय कुमार, धीरेंद्र कुमार सिंह और सिपाही दिलीप कुमार सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।