CM Nitish Kumar: सीएम नीतीश की जान को है खतरा? सुरक्षा की टाइट व्यवस्था, जानिए क्या है पूरा मामला
CM Nitish Kumar: सीएम नीतीश की जान को खतरा है? सीएम नीतीश पर हमले की आशंका है? आखिरी चुनावी साल में अचनाक सीएम नीतीश की सुरक्षा को और टाइट क्यों की गई है? पूरा मामला क्या है आइए जानते हैं....

CM Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जान को खतरा है? नीतीश कुमार पर कभी भी हमला हो सकता है? बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अचनाक ये सवाल सामने आ रहे हैं। सीएम नीतीश की सुरक्षा के लिए टाइट व्यवस्था किया गया है। सीएम की सुरक्षा के लिए जवान तैनात रह रहे हैं और विशेष सावधानी भी बरती जा रही है। जिससे ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या सीएम नीतीश की जान को खतरा है? बता दें कि सीएम नीतीश को z+ सुरक्षा प्राप्त है इसके बाद भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बीते दिन सीएम भागलपुर दौरे पर गए थे जहां उनकी सुरक्षा में प्रशासन चौकस दिखी।
सीएम नीतीश की सुरक्षा बढ़ी
मालूम हो कि, मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए 200 से अधिक प्रशिक्षित कमांडो हर समय तैनात रहते हैं। इसके अलावा उन्हें बिहार विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2000 के तहत भी विशेष सुरक्षा दी गई है। उनकी सुरक्षा में शामिल स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) में पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एनएसजी और एसपीजी के जवान शामिल हैं। जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। कार्यक्रम के दौरान 36 कमांडो का दस्ता हर समय मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द मौजूद रहा।
बिना इजाजत मिलने की अनुमति नहीं
भागलपुर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। किसी को भी बिना इजाजत मंच पर चढ़ने, मुख्यमंत्री से मिलने या फूल-माला पहनाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर फूल-माला की एंटी-सबोटाज जांच अनिवार्य थी। साथ ही झोला, छाता जैसे सामान लेकर मंच के पास जाने पर भी पाबंदी रही।
चुनावी साल को लेकर सरकार सतर्क
इस कड़ी निगरानी के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या मुख्यमंत्री को कोई विशेष खतरा है? हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक सावधानीपूर्ण कदम है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। वहीं बिहार में इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और नीतीश कुमार लगातार जनसंपर्क में सक्रिय हैं। हाल ही में पटना के बीएन कॉलेज में बमबाजी की घटना के बाद सरकार ने राज्यभर में वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है। सरकार चुनावी माहौल में सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं कर रही है।