'स्मॉल इन्सिजन मोतियाबिंद सर्जरी' पर ISMSICS PAO 2026 मीट 23 अगस्त को, आँखों उपचार पर बड़ी खुशखबरी
पटना एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के अध्यक्ष और पटना के जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में पूरे भारत से विशेषज्ञ आएंगे और पूरे बिहार से 150 से ज़्यादा प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे।
Bihar News : 'इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर मैनुअल स्मॉल इन्सिजन मोतियाबिंद सर्जरी' (ISMSICS) और 'पटना एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी' (PAO) मिलकर 23 अगस्त, 2026 को होटल ऑरम में 'दूसरी ईस्ट ज़ोनल ISMSICS PAO 2026 मीट' आयोजित कर रहे हैं। इस मीट में 'स्मॉल इन्सिजन मोतियाबिंद सर्जरी' में हुई नई तरक्की पर चर्चा होगी। यह मोतियाबिंद की सर्जरी करने का एक नया और बहुत किफायती तरीका है, जिससे आबादी के एक बड़े हिस्से को फायदा होता है।
संजीवनी आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि स्मॉल इन्सिजन मोतियाबिंद सर्जरी में नेत्र रोग विशेषज्ञ को कम निवेश करना पड़ता है और मरीज़ पर भी आर्थिक बोझ बहुत कम पड़ता है। इस सर्जरी के नतीजे 'फैको-इमल्सिफिकेशन' (phaco-emulsification) जैसी आधुनिक तकनीक के बराबर ही होते हैं।
पटना एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के अध्यक्ष और पटना के जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में पूरे भारत से विशेषज्ञ आएंगे और पूरे बिहार से 150 से ज़्यादा प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। मोतियाबिंद वो स्थिति है, जो सिर्फ चश्मा लगाने या फिर दवाएं खाने से ठीक नहीं हो सकती। बिहार सरकार के PHED मंत्री संजय कुमार सिंह इस मीट का उद्घाटन करेंगे। बिहार धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष डॉ. रणबीर नंदन 'गेस्ट ऑफ़ ऑनर' (विशिष्ट अतिथि) होंगे।
उन्होंने बताया कि समय के साथ लेंस OPAQUE होती जाती है, जो देखने की क्षमता कम करती जाती है। सही समय पर सर्जरी न करवाई जाए, तो रोजाना के कामकाज करने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता नकारात्मक रूप से प्रभावित होने लगती है। मीट का समन्वय (coordination) करने वाले प्रमुख नेत्र रोग विशेषज्ञों और पदाधिकारियों में डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. नागेंद्र प्रसाद, डॉ. रवि रंजन और डॉ. सत्यजीत सिन्हा शामिल हैं। 'ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी' के पूर्व अध्यक्ष और हिंदुजा अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉ. बी. के. नायक मुख्य भाषण देंगे।