जन्माष्टमी पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत की युवाओं से बड़ी अपील, 84 लाख योनियों के बाद मिला मानव जीवन नशे में न गंवाएं

जन्माष्टमी के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन को संवारने के लिए पढ़ाई, मेहनत, सेवा और आध्यात्मिक गतिविधियों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि गीता जैसे ग्रंथ भी जीवन को बेहतर बनाने और स्वस्थ रखने की प्रेरणा देते हैं।

Nishant performed puja at ISKCON
Nishant performed puja at ISKCON- फोटो : news4nation

 Janmashtami 2026 : जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने  बिहार के युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने जीवन को बेहतर बनाने की बड़ी अपील की है। निशांत ने इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के चलन पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आकर अपना जीवन बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि पढ़ाई, सेवा, भजन और सकारात्मक कार्यों में अपना मन लगाना चाहिए।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मनुष्य का जीवन बेहद दुर्लभ है। उन्होंने धार्मिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य का जीवन मिलता है। ऐसे में इस जीवन को नशे और गलत आदतों में बर्बाद करना उचित नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने मन को ईश्वर में लगाएं और जीवन को सार्थक बनाने की कोशिश करें।


मन ही बंधन का कारण

निशांत ने कहा कि “मन ही बंधन का कारण है।” जब मन सांसारिक चीजों में उलझा रहता है तो वही बंधन बन जाता है। इसलिए युवाओं को अपने जीवन में तपस्या का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तपस्या का अर्थ केवल आध्यात्मिक साधना नहीं है। पढ़ाई करना भी एक तरह की तपस्या है। इसी तरह समाज और परिवार के लिए अच्छा काम करना भी तपस्या है, जबकि आध्यात्मिक तपस्या के लिए भजन-कीर्तन और ईश्वर का स्मरण किया जा सकता है।


स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं को काम, क्रोध, लोभ और मोह से बचने की सलाह देते हुए कहा कि शास्त्रों में भी इनसे दूर रहने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास धन है तो उसे केवल अपने ऊपर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। इससे जीवन को बेहतर दिशा मिल सकती है।

गुटखा और नशे से बढ़ रहा कैंसर का खतरा

निशांत ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। उन्होंने एक दिन पहले के अपने मुजफ्फरपुर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या देखने को मिली। उनके मुताबिक गुटखा और तंबाकू का सेवन कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से केवल कैंसर ही नहीं, बल्कि शरीर के महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित हो रहे हैं। लीवर और किडनी खराब होने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बिहार के युवाओं से खास तौर पर गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाने की अपील की।

महात्मा गाँधी का किया उल्लेख 

निशांत ने महात्मा गांधी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि शराब का नुकसान केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह व्यक्ति की आत्मा को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर उनके पास पैसा है तो उसे नशे में खर्च करने के बजाय किसी जरूरतमंद की मदद करने में लगाएं।

 अभिजीत की रिपोर्ट