Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल पास होते ही जदयू में हड़कंप, नहीं थम रहा बड़े मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा देने का सिलसिला, अब तक इतनों ने छोड़ा साथ
Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल पास होते ही जदयू में हड़कंप मच गया है। पार्टी से बड़े मुस्लिम नेता इस्तीफा दे रहे हैं। एक बार फिर 3 नेताओं ने पार्टी छोड़ दिया है।

Bihar Politics: लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल पास होते ही जदयू में हड़कंप मच गया है। जदयू से कई मुस्लिम नेता इस्तीफा दे रहे हैं। जदयू ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार को समर्थन किया था जिसके बाद से ही जदयू के कई नेता इस्तीफा दे रहे हैं। सबसे पहले जदयू नेता डॉ मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद नवाज मलिक ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वहीं अब तीन और मुस्लिम नेताओं ने जदयू से इस्तीफा दे दिया है।
जदयू नेता लगातार दे रहे इस्तीफा
वहीं आज जदयू के प्रदेश महासचिव (अल्पसंख्यक) सिए मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी अलीग ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को पत्र लिखकर कहा कि," मैं जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का एक निष्ठावान कार्यकर्ता रहा हूँ और वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाता आया हूँ। मुझे विश्वास था कि जेडीयू सदैव धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। लेकिन हाल ही में वक्फ़ बिल संशोधन अधिनियम 2024 के प्रति आपकी पार्टी के समर्थन ने मेरे विश्वास को गहरा आघात पहुँचाया है। लोकसभा में ललन सिंह द्वारा इस विधेयक के समर्थन में दिए गए बयान अत्यंत निराशाजनक और दुखद हैं। यह विधेयक भारतीय मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात करता है और समूचे मुस्लिम समाज को हाशिए पर धकेलने का प्रयास प्रतीत होता है"।
सीएम नीतीश का साथ छोड़ रहे नेता
साथ ही जदयू के अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव मोहम्मद शहनवाज मलिक ने भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा कि," हम जैसे लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानो का अट्ट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेकुलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं। लेकिन अब यह यकीन टूट गया है। वक्फ बिल संसोधन अधिनियम 2024 के तअलुक से जदयू के स्टैण्ड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों एवं कार्यकर्ताओं को गहरा अघात लगा है। हम लोग लोकसभा में ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से अपना वकतव्य दिया और इस बिल का समर्थन किया उस से काफी मर्माहत हैं। वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरूद्ध है। हम किसी भी सुरत में इसे स्वीकार नही कर सकते। यह बिल संविधान की कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है। इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रूसवा किया जा रहा है। साथ ही साथ यह विल पसमांदा विरोधी भी है। जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है। मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी के कई वर्ष पार्टी को दिया। अतः मै पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रहा हूँ"।
जदयू के समर्थन से पार्टी में नाराजगी
साथ ही जदयू नेता दिलशान रियान ने पत्र लिखकर कहा कि,"हम जैसे लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानो का अटुट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेकुलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं। लेकिन अब यह यकीन टुट गया है। वक्फ बिल संसोधन अधिनियम 2024 के तअलुक से जदयू के स्टैण्ड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों एवं कार्यकर्ताओं को गहरा अघात लगा है। अतः मै पार्टी के प्राथमिक सदस्य से स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रहा हूँ"।
टेंशन में सीएम नीतीश !
मुजफ्फरपुर से JDU के वरिष्ठ नेता एम राजू नैयर ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि, "वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास होने और समर्थन देने पर जदयू पार्टी से मैं इस्तीफा देता हूं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) भाजपा के सहयोगी दलों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से अपील किया था कि "वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करें और किसी भी परिस्थिति में इसके पक्ष में मतदान न करें." लेकिन जदयू पार्टी द्वारा यह काला कानून के पक्ष में वोट देने से मैं आहत होकर मैं जदयू पार्टी से हमेशा के लिए इस्तीफा देता हूं जो मुसलमानों के साथ जुल्म करती है। जदयू युवा के पूर्व प्रदेश सचिव और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। सीएम नीतीश कुमार को पत्र भेजकर सभी दायित्वों से मुक्त करने का आग्रह करता हूं"।