तेजस्वी की गैरहाजिरी पर JDU का तंज, नीरज कुमार बोले- लगता है विदेश में युद्ध खत्म कराने गए हैं

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मानसून सत्र से अनुपस्थिति को लेकर जेडीयू ने निशाना साधा। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि तेजस्वी यादव अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे विवाद को खत्म कराने गए हैं।

JDU Mocks Tejashwi Absence Says He Went to End Wars
तेजस्वी की गैरहाजिरी पर JDU का तंज- फोटो : reporter

Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन हंगामे और सियासी बयानबाजी के बीच शुरू हुआ।इस बीच विधानसभा के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मानसून सत्र से अनुपस्थिति को लेकर जेडीयू ने निशाना साधा। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि तेजस्वी यादव अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे विवाद को खत्म कराने गए हैं।

नीरज कुमार ने तेजस्वी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य में किसान परेशान हैं और विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा है, तब विपक्ष के प्रमुख नेता का सदन में मौजूद रहना जरूरी है।

वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीन पर किसानों को राहत नहीं मिल रही है। विपक्ष सूखे की स्थिति पर विशेष चर्चा और सरकार से स्पष्ट कार्ययोजना की मांग कर रहा है।

 सदन में सबसे बड़ा मुद्दा प्रदेश में बनी सूखे जैसी स्थिति को लेकर रहा। विपक्षी सदस्यों ने सरकार से तत्काल वक्तव्य की मांग करते हुए विधानसभा के वेल में उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विपक्ष के विधायक हाथों में पोस्टर लेकर सदन के अंदर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही जारी रही। विपक्ष का आरोप है कि कम बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में खेती प्रभावित हो रही है और किसानों को राहत देने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

विपक्ष के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सदस्यों की चिंता जायज है, क्योंकि कम बारिश के कारण किसान भाइयों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की सिंचाई समस्या को देखते हुए राज्य में सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान अपने खेतों तक पानी पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में सूखे की स्थिति अधिक है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है और वहां किसानों को डीजल अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।मानसून सत्र के तीसरे दिन सूखे का मुद्दा सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी टकराव का केंद्र बन गया है। एक ओर सरकार राहत योजनाओं और बिजली आपूर्ति का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष किसानों की परेशानी को लेकर सरकार पर दबाव बनाने में जुटा है। आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही में किसानों और कृषि संकट का मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।