कोइलवर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का जलवा! 118 किमी का विस्तार और 16,465 करोड़ का बजट; अब बिहार बनेगा ग्लोबल ट्रांसपोर्ट हब

बिहार की सड़कों की तस्वीर रातों-रात बदलने वाली है और इस बार तैयारी इतनी बड़ी है कि इसकी गूँज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। जेपी गंगा पथ के उस बड़े राज से पर्दा उठ गया है, जो न केवल पटना बल्कि बिहार के कई जिलों की किस्मत बदलने वाला है

कोइलवर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का जलवा! 118 किमी का विस्ता

Patna - बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधान परिषद में 'जेपी गंगा पथ' के विशाल विस्तार की घोषणा की है।

बिहार में 16,465 करोड़ का 'सुपर हाईवे': कोइलवर से भागलपुर तक दौड़ेगा जेपी गंगा पथ

बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी जेपी गंगा पथ परियोजना को अभूतपूर्व विस्तार देने का निर्णय लिया है। 118 किलोमीटर लंबे इस नए स्ट्रेच के निर्माण के साथ ही बिहार में सड़क कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होगा।

कोइलवर से भागलपुर तक 118 किमी का विस्तार

राज्य सरकार ने जेपी गंगा पथ को पश्चिम में भोजपुर के कोइलवर (35.65 किमी) से लेकर पूर्व में भागलपुर के सबौर (40.80 किमी) तक विस्तारित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 16,465 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 'सुपर हाईवे' भोजपुर, मुंगेर और भागलपुर जैसे जिलों को सीधा पटना से जोड़ देगा, जिससे यात्रा के समय में लगभग 50% की कमी आएगी।

बिहार में पहली बार हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)

यह प्रोजेक्ट बिहार की पहली ऐसी सड़क योजना होगी जिसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर लागू किया जाएगा। इस मॉडल के तहत निजी कंपनियां निवेश करेंगी, जिससे न केवल काम की गुणवत्ता और गति बढ़ेगी, बल्कि सड़कों का रखरखाव भी आधुनिक तरीके से सुनिश्चित होगा। परियोजना का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगे।

AI और मोबाइल ऐप से होगी सड़कों की निगरानी

सड़क सुरक्षा और रखरखाव के लिए सरकार ने भविष्य की तकनीक को अपनाया है। साल 2026 से 2033 तक 19,353 किमी सड़कों की मरम्मत पर 22 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सड़कों और पुलों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मोबाइल ऐप और वेब ऐप के जरिए की जाएगी। इसके अलावा, 250 मीटर से लंबे 85 पुलों के ऑडिट के लिए सरकार ने IIT पटना के साथ विशेष समझौता किया है।

ADB की मदद से सीमावर्ती जिलों का विकास

एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से 3,743.65 करोड़ रुपये की लागत से 266.17 किमी लंबी तीन राज्य उच्च पथ और दो जिला पथों के उन्नयन को मंजूरी दी गई है। इसका सीधा लाभ सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और बक्सर जैसे जिलों को मिलेगा। यह विस्तार न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही को भी सुगम बनाएगा।

कनेक्टिविटी का ग्लोबल हब बनेगा बिहार

जेपी गंगा पथ के विस्तार से मुंगेर (साफियाबाद), बरियारपुर और सुल्तानगंज जैसे शहर सीधे पटना के मरीन ड्राइव से जुड़ जाएंगे। महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहा सिक्स-लेन पुल और पटना-औरंगाबाद फोरलेन परियोजनाएं मिलकर इस पूरे कॉरिडोर को एक 'ग्लोबल ट्रांसपोर्ट हब' में तब्दील कर देंगी। इससे गंगा किनारे बसे क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार और रियल एस्टेट को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।