आपातकाल की वर्षगांठ पर जेपी नड्डा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, संविधान हाथ में उठाने से पहले राहुल गांधी अपनी दादी के कृत्यों के लिए देश से माफी मांगें
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज 'संविधान हत्या दिवस' (आपातकाल की वर्षगांठ) के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान की धरती से कांग्रेस और इंडी (INDI) गठबंधन पर जोरदार हमला बोला...
Patna : केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर पटना में कांग्रेस और इंडी (INDI) गठबंधन पर चौतरफा हमला बोला। जेपी नड्डा ने कहा कि आज जो लोग संविधान की किताब लेकर घूम रहे हैं, उन्हें पहले अपनी दादी (इदिरा गांधी) द्वारा देश पर थोपी गई इमरजेंसी और लोकतंत्र की हत्या के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पटना का गांधी मैदान और बिहार की धरती ही देश में लोकतंत्र को बचाने वाली 'संपूर्ण क्रांति' की जननी रही है। जेपी नड्डा ने देश की जनता से अपील की कि लोकतंत्र विरोधी और तानाशाही सोच वाली कांग्रेस को सदा के लिए सत्ता से दूर रखना हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
पटना की धरती से फूटा था तानाशाही के खिलाफ बिगुल, आंदोलन का गवाह रहा हूँ: नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पूरे देश में आज 'संविधान हत्या दिवस' मनाया जा रहा है, लेकिन मेरे लिए पटना में इसे मनाना बेहद विशेष और भावुक क्षण है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई का बीज कहीं बोया गया था, तो वह बिहार और पटना की यही ऐतिहासिक धरती थी। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा, "5 जून 1974 को जब लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने गांधी मैदान से 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया, तब मैं मैट्रिक का छात्र था और खुद उस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा था। 18 मार्च और 5 जून 1974 के वो दिन देश में तानाशाही के खिलाफ नींव के पत्थर साबित हुए।"
कुर्सी बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने लगाया था आपातकाल, देश ने झेली 21 महीने की प्रताड़ना
अतीत के काले पन्नों को पलटते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि जब अदालत ने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया और उनकी सदस्यता समाप्त की, तो उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए महज तीन सप्ताह के भीतर देश पर इमरजेंसी थोप दी। 21 महीनों तक देश ने वह खौफनाक दौर देखा, जहां व्यक्ति की आजादी छीन ली गई, प्रेस पर पाबंदी लगी और प्रजातंत्र का गला घोंट दिया गया। मीसा (MISA) और डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स (DIR) जैसे दमनकारी कानूनों का इस्तेमाल कर देश के लाखों निर्दोष राजनीतिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को जेलों में ठूंस दिया गया।
संविधान लेकर घूमने वाले इंदिरा के पोता-पोती बताएं, क्या उन्होंने संविधान की एक भी धारा पढ़ी है?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज इंदिरा गांधी के पोता और पोती हाथ में संविधान की किताब लेकर घूम रहे हैं और नाटक कर रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या इन लोगों ने संविधान की एक भी धारा पढ़ी है? जेपी नड्डा ने दोटूक कहा कि संविधान की किताब हाथ में उठाने से पहले राहुल गांधी को अपनी दादी द्वारा किए गए अलोकतांत्रिक कृत्यों और देश पर थोपे गए काले अध्याय के लिए देश की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।
चुनी हुई सरकारों को गिराना कांग्रेस का इतिहास, इंडी गठबंधन की सोच आज भी प्रजातंत्र विरोधी
विपक्ष के 'इंडी गठबंधन' को आड़े हाथों लेते हुए नड्डा ने कहा कि इन दलों के लिए प्रजातंत्र सिर्फ एक धोखा है और इनकी पूरी सोच लोकतंत्र विरोधी है। इतिहास गवाह है कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी के कार्यकाल तक कांग्रेस ने देश में 50 से अधिक बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर जनता द्वारा चुनी हुई विपक्षी सरकारों को गिराने का काम किया। इसके विपरीत, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने जम्मू-कश्मीर को छोड़कर (जहां विशेष परिस्थितियां थीं) कभी भी किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया।
अशोक गहलोत के बयान से साफ है कांग्रेस की मानसिकता, देश को पाताल में ले जाने की साजिश
जेपी नड्डा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही गहलोत ने कहा था कि 'अगर आज इंदिरा गांधी जैसी नेता होतीं, तो भाजपा पर बैन लगा देतीं'। इससे साफ होता है कि कांग्रेस की सोच आज भी वही तानाशाही और इमरजेंसी वाली है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो 2014 से पहले देश को पाताल में ले गए थे और मौका मिलने पर दोबारा वैसा ही करने से पीछे नहीं हटेंगे। इसलिए ऐसी ताकतों को पहचान कर इन्हें हमेशा के लिए सत्ता से बेदखल रखना होगा।
नरोत्तम की रिपोर्ट