बिहार में होगा बड़ा सियासी उलटफेर ! अनंत सिंह पर JDU की कार्रवाई के बाद सम्राट चौधरी से मिले ललन सिंह, वजह खास

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र इसी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अनंत सिंह को लंबे समय से ललन सिंह का करीबी माना जाता रहा है।

Lalan Singh Meets Samrat Choudhary
Lalan Singh Meets Samrat Choudhary- फोटो : news4nation

Bihar News :  मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा के बीच केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद ललन सिंह ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। जदयू में अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई के बाद इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।  


यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई और उनके बयानों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अनंत सिंह ने जदयू से निष्कासन के बाद पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। वहीं, ललन सिंह से उनकी पुरानी राजनीतिक निकटता को देखते हुए मुख्यमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।


इससे पहले शनिवार शाम नीतीश कुमार खुद ललन सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। दोनों नेताओं की लगातार हो रही मुलाकातों को अनंत सिंह प्रकरण और पार्टी के भीतर समन्वय के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, नीतीश कुमार के बाद ललन सिंह की सम्राट चौधरी से मुलाकात के अब कई किस्म के सियासी आसार लगाए जा रहे हैं।


अनंत सिंह हैं ललन सिंह के करीबी  

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र इसी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अनंत सिंह को लंबे समय से ललन सिंह का करीबी माना जाता रहा है। मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह और उनके परिवार की मजबूत मौजूदगी रही है। वर्ष 2005 से अलग-अलग समय में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी इस क्षेत्र से विधायक रहे हैं।


ऐसे में अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई के तुरंत बाद ललन सिंह की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, केवल मुलाकात के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि बैठक में अनंत सिंह के निष्कासन को लेकर ही बातचीत हुई।


नीरज कुमार के विरोध से शुरू हुआ विवाद

अनंत सिंह और जदयू के बीच विवाद की ताजा वजह बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर हुआ चुनाव है। इस सीट से जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अनंत सिंह ने पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। 


इस दौरान अनंत सिंह ने नीरज कुमार सहित जदयू के कई नेताओं पर तीखी टिप्पणियां भी कीं। उनका तर्क था कि नीरज कुमार ने भी पहले उनके चुनाव में उनका विरोध किया था। इस विवाद के दौरान ललन सिंह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया' बताया था। बताया जाता है कि विवाद को सुलझाने के लिए अनंत सिंह को मनाने की कोशिशें भी हुईं, लेकिन वह नीरज कुमार के समर्थन में नहीं आए। इसके बाद जदयू ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।


छह साल का निष्कासन, सदस्यता पर भी कार्रवाई की अनुशंसा

जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से भी अनुशंसा की है। हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष को करना है। निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार का हमेशा साथ दिया और कई कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ लोग अपनी मर्जी से फैसले ले रहे हैं और नीतीश कुमार को पूरी स्थिति की जानकारी नहीं है। अनंत सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाने की संभावना भी जताई है।


अब मुख्यमंत्री से मुलाकात पर टिकी नजरें

अनंत सिंह के निष्कासन के बाद ललन सिंह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब जदयू के भीतर अनुशासन, नेतृत्व और संगठनात्मक समन्वय को लेकर चर्चा चल रही है। राजनीतिक नजरिए से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना होगा कि अनंत सिंह प्रकरण पर आगे जदयू का रुख क्या रहता है और इस घटनाक्रम का मोकामा की राजनीति पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, सम्राट चौधरी और ललन सिंह की मुलाकात ने बिहार के सियासी गलियारों में नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

अभिजीत की रिपोर्ट