'नया लेबल, पुराना माल': रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय बजट को बताया 'छलावा', केंद्र पर साधा निशाना

Rohini Acharya
Rohini Acharya- फोटो : news4nation

Rohini Acharyaवित्त बजट 2026-27 को निराशाजनक करार देते हुए लालू यादव के बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किये गए बजट में जिन प्रावधानों की घोषणा की गई उसे पर रोहिणी ने तल्ख प्रतिक्रिया दी है. अपने सोशल मीडिया पर किये एक पोस्ट में उन्होंने केंद्र की जोरदार आलोचना की है. 


उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है - 'पुराने सामान को नए डिब्बे में नए लेबल के साथ परोसने जैसा ही है बजट . अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी कैसे होगी ? इस पर बजट में कोई स्पष्टता नहीं है , डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की बात की गयी है , मगर देश की शिक्षित व् गैर - शिक्षित युवा आबादी के लिए यथार्थ में जॉब - क्रिएशन कैसे और किन - किन सेक्टर्स में होगा ? देश के इस सबसे गंभीर मसले पर भी बजट में कोई स्पष्ट रोड - मैप नहीं है . 


उन्होंने आगे लिखा है कि बिहार के लिए बाढ़ प्रबंधन , बाढ़ की रोक थाम , बाढ़ के पश्चात् पुनर्वास की व्यवस्था एवं सिंचाई के संसाधनों के निर्माण व् विकास के लिए विशेष - पैकेज दिए जाने की बेहद जरूरी व् पुरानी मांग के लिए बजटीय प्रावधान का नहीं होना निराशाजनक है.'


मनोज झा भी बरसे

राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर किये पोस्ट में लिखा - आज बजट एक बार फिर देश की विशाल आबादी को प्रभावित करने वाले दो सबसे गंभीर मुद्दों को संबोधित करने में विफल रहा है—तेज़ी से बढ़ती 'आय की असमानता' और 'भयावह बेरोज़गारी'। इन संरचनात्मक संकटों से जूझने के बजाय बजट ने सतही उपायों और भारी-भरकम शब्दावली का सहारा लिया है। शब्दों की यह सजावट एकाध दिन की सुर्ख़ियाँ तो बना सकती है, लेकिन आम लोगों की आर्थिक वास्तविकताओं/चिंताओं में कोई बदलाव नहीं ला सकती। बाकी जय हिन्द