Land for Job Case: लालू-राबड़ी-तेज प्रताप के बाद अब ED के रडार पर कई रेलवे अधिकारी, करेगी पूछताछ, किसानों से भी सवाल-जवाब
Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने बीते दिन लालू यादव से पूछताछ की। जिसके बाद अब ईडी के निशाने पर कई रेलवे अधिकारी हैं। ईडी जल्द ही इनसे पूछताछ करेगी।

Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। मंगलवार को पूर्व सीएम राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव से ईडी ने घंटों पूछताछ की। वहीं बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव से चार घंटे तक ईडी की पूछताछ चली। जिसके बाद अब रेलवे के कुछ वरिष्ठ अधिकारी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर रेलवे जोन के तत्कालीन अधिकारियों से जल्द ही नए सिरे से पूछताछ की जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत
ईडी का मानना है कि रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह घोटाला संभव नहीं था। हालांकि, उस समय के अधिकांश अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। लालू यादव से पूछताछ के दौरान करीब 50-60 सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि नौकरियों के लिए क्या विशेष प्रक्रिया अपनाई गई थी? क्या स्पेशल वैकेंसी निकाली गई थी? जिन किसानों से जमीन लिखवाई गई, सिर्फ उन्हीं के परिवार को नौकरी कैसे मिली? उस समय किन-किन रेलवे अधिकारियों को प्रबंधन में शामिल किया गया था?
किसानों से भी ईडी ने की पूछताछ
ईडी अधिकारियों ने उन किसानों से भी मुलाकात की, जिनसे कथित रूप से लालू यादव ने जमीन लिखवाई थी। पूछताछ में किसानों से पूछा गया कि वे लालू प्रसाद को कैसे जानते हैं और उनके साथ यह सौदा कैसे हुआ। इस दौरान लालू यादव के बयानों का किसानों से क्रॉस चेक भी किया गया। इससे पहले, मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव से भी पटना स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई थी। ईडी ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजप्रताप यादव को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।
कोर्ट ने दी थी जमानत
इस मामले में 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जहां तेजप्रताप यादव और लालू यादव की बेटी हेमा यादव पेश हुए थे। कोर्ट ने सभी आरोपियों को ₹50,000 के निजी मुचलके पर जमानत दी थी।
क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला?
इस कथित घोटाले में आरोप है कि लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009) रेलवे में नौकरी देने के बदले गरीबों की बहुमूल्य जमीन औने-पौने दाम में लिखवाई गई। सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही हैं। सीबीआई के अनुसार, इस दौरान लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और संपत्तियों का हस्तांतरण किया गया। ईडी की जांच में अब रेलवे के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर फोकस किया जा रहा है और जल्द ही नई कार्रवाई संभव है।