3 मार्च लगेगा चंद्र ग्रहण, बिहार में इस समय होगी शुरुआत, होली के पहले जरुर करें यह काम

Lunar eclipse
Lunar eclipse - फोटो : news4nation

Lunar eclipse:  वर्ष 2026 का पहला और महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाक्रम 3 मार्च, मंगलवार को देखने को मिलेगा, जब पूर्ण चंद्र ग्रहण घटित होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की प्रच्छाया (छाया) में आ जाएगा, जिससे वह कुछ समय के लिए गहरे लाल या तांबे रंग का दिखाई देगा। यह जानकारी भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी द्वारा साझा की गई है।


खगोल विज्ञान के अनुसार, जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है, जबकि चंद्रमा का केवल एक हिस्सा ढकने पर आंशिक चंद्र ग्रहण माना जाता है। 3 मार्च 2026 का ग्रहण परिमाण 1.155 का होगा, जिसे एक गहरा और पूर्ण चंद्र ग्रहण माना जा रहा है।


भारत समेत कई देशों में दिखेगा ग्रहण


यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में अधिकांश स्थानों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण का समापन चरण देखा जा सकेगा। हालांकि, उत्तर-पूर्वी भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में ग्रहण के पूर्ण चरण का अंतिम हिस्सा भी दिखाई देगा।


विशेषज्ञों के अनुसार, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित होता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। यह खगोलीय घटना विज्ञान प्रेमियों, छात्रों और आम लोगों के लिए आकाश में घटने वाले दुर्लभ और रोमांचक दृश्य का अनुभव करने का एक सुनहरा अवसर होगी।


भारत में ग्रहण का समय (IST)


ग्रहण का प्रारंभ: 15:20 बजे (दोपहर 3:20)


पूर्णता का प्रारंभ: 16:34 बजे (शाम 4:34)


पूर्णता की समाप्ति: 17:33 बजे (शाम 5:33)


ग्रहण की समाप्ति: 18:48 बजे (शाम 6:48)

होली के पहले ग्रहण 

होली के ठीक पहले चंद्र ग्रहण के कारण इसका बड़ा असर कई धार्मिक कार्यों पर देखने को मिलेगा. सूतक अवधि में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे. वहीं ग्रहण के बाद स्नान करने की परम्परा है. ऐसे में ग्रहण के बाद नदियों, सरोवरों और अन्य जलाशयों में स्नान और उसके बाद दान किया जा सकता है.