पटना पुलिस की बड़ी पहल: लापता बच्चों की तलाश और सुरक्षित बरामदगी के लिए अभियान तेज, CWPO को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

गुमशुदा बच्चों की तलाश और बरामदगी के लिए पटना पुलिस द्वारा बड़ी पहल की गई है। एडीजी के निर्देश पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कर बच्चोंं की त्वरित खोज, सटीक पहचान जैसी रणनीतियों से अवगत कराया जा रहा है....

पटना पुलिस की बड़ी पहल: लापता बच्चों की तलाश और सुरक्षित बरा
CWPO के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग, बिहार, पटना) के निर्देशानुसार और वरीय पुलिस अधीक्षक (पटना) के मार्गदर्शन में गुमशुदा बच्चों की खोज और सुरक्षित बरामदगी के लिए राज्य भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार 25 अगस्त को पटना जिला के पश्चिमी क्षेत्र अंतर्गत बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPO) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।


लापता बच्चों के सत्यापन और त्वरित खोज पर दिया गया जोर

आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों को लापता बच्चों की त्वरित खोज, उनकी सटीक पहचान, सत्यापन और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने की रणनीतियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बच्चों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावकारी निस्तारण करना है।


बाल संरक्षण कानूनों और AHTU के साथ बेहतर समन्वय की रणनीति

कार्यशाला के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर गहन चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों को AHTU के साथ मिलकर काम करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के तौर-तरीके सिखाए गए, ताकि अंतरराज्यीय या अंतरजिला तस्करी के मामलों को तुरंत विफल किया जा सके।


गुमशुदा बच्चों की सुरक्षित घर वापसी को लेकर पुलिस की मुस्तैदी

इस विशेष प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बाल अधिकारों की रक्षा करने और संवेदनशील मामलों को कुशलतापूर्वक संभालने में मदद मिलेगी। जिला पुलिस का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि हर लापता बच्चे को जल्द से जल्द खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा सके।


भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम

पटना पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कमजोर वर्गों और बच्चों की सुरक्षा के प्रति पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों के लिए इस तरह के विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस बल की कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाया जा सके।


रंजीत की रिपोर्ट