परिवहन विभाग की बड़ी पहल: 488 चालकों को मिला सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण, शुक्रवार को गैर-सरकारी चालकों की लगेगी क्लास

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा तीन दिवसीय सुरक्षित वाहन चालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है....

परिवहन विभाग की बड़ी पहल: 488 चालकों को मिला सुरक्षित ड्राइव
सुरक्षित ड्राइविंग का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित- फोटो : धीरज पराशर

Patna : बिहार सड़क सुरक्षा परिषद (परिवहन विभाग) द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय सुरक्षित वाहन चालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। विश्वेश्वरैया भवन स्थित सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के शुरुआती दो दिनों में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कुल 488 वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग की बारीकियों से अवगत कराया गया।


शुक्रवार को गैर-सरकारी वाहन चालकों को मिलेगी ट्रेनिंग

परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि राज्य भर में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला स्तर पर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पटना मुख्यालय स्तर पर तीन दिवसीय विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई है। दो दिनों तक विभिन्न सरकारी विभागों के चालकों को प्रशिक्षित करने के बाद, शुक्रवार को गैर-सरकारी वाहन चालकों के लिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश हर वर्ग तक पहुंचे।


यातायात संकेतकों और 'गुड सेमेरिटननीति की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान चालकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया गया। चालकों को अनिवार्य, चेतावनी और सूचनात्मक सड़क संकेतों की सही पहचान करने का महत्व बताया गया। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों की तुरंत मदद करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए 'राहवीर/गुड सेमेरिटन' (Good Samaritan) नीति के नियमों और फायदों की भी जानकारी दी गई।


दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर हुई गहन चर्चा

सत्र में सड़क हादसों के मुख्य कारणों जैसे—ओवरस्पीडिंग, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल, शराब या नशे का सेवन, सीट बेल्ट न लगाना और लेन अनुशासन तोड़ना—पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने चालकों को सख्त हिदायत दी कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद की और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है।


सुरक्षित ड्राइविंग के लिए दिए गए व्यावहारिक सुझाव

वर्कशॉप में चालकों को वाहन चलाते समय सुरक्षित गति बनाए रखने, आगे चल रही गाड़ी से निश्चित दूरी बनाए रखने, मोड़ों व चौराहों पर विशेष सतर्कता बरतने और वाहन चलाते समय ध्यान न भटकने देने की सलाह दी गई। विभाग का मानना है कि इन बुनियादी आदतों को अपनाकर राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।


धीरज पराशर की रिपोर्ट