पटना में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए डीएम-एसएसपी का बड़ा निर्देश, युद्ध स्तर पर शुरू हुई राहत व्यवस्था

राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई, चिकित्सा एवं आवश्यक दवाइयों, स्वच्छ पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े

flood-affected areas in Patna
flood-affected areas in Patna- फोटो : news4nation

 Bihar News : पटना जिले से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के निर्देश पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता एवं सुरक्षा में लगातार सक्रिय हैं। निचले एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में लाने की कार्रवाई की जा रही है। 


राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई, चिकित्सा एवं आवश्यक दवाइयों, स्वच्छ पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रशासन द्वारा पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पशु चारा, पशुओं के लिए शेड तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।


राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई संचालित

जिले के विभिन्न अंचलों में राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बाढ़ अंचल के मध्य विद्यालय कचहरी बाढ़, दानापुर अंचल के बलदेवा हाई स्कूल दानापुर, पाटलिपुत्र अंचल के मीनार घाट एवं बिंद टोली,  अथमलगोला अंचल के उच्च माध्यमिक विद्यालय सबनीमा, बख्तियारपुर अंचल के मध्य विद्यालय घोषवरी एवं सिंचाई भवन बख्तियारपुर शामिल हैं। इसी प्रकार मोकामा अंचल  में पंचायती राज कार्यालय नया कसहा, बिसहरी स्थान शिवनगर, भोला स्थान पुरानी कसहा, किसान भवन डुमरा जंजीरा, सामुदायिक भवन सीतारामपुर, विजयगढ़ तथा प्रखंड परिसर शिवनार में भी सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।


जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत शिविरों एवं सामुदायिक रसोई केंद्रों में मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध हों, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।


72 नावें निःशुल्क संचालित

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा आवश्यक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले में आवश्यकता के अनुसार कुल 72 नावों का निःशुल्क संचालन किया जा रहा है। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवश्यकता के अनुरूप नावों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें। एस डी आर एफ की टीम प्रभावित क्षेत्रों मे 14  बोट के साथ लोगों की मदद मे लगी है.


तटबंध एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती

पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल अनीसाबाद अंतर्गत पालीगंज में पानी के ओवरफ्लो के कारण क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की व्यवस्था कर ली गई है। जलस्तर घटते ही मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। वहीं, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रबंध, पटना सिटी अंतर्गत ओवरफ्लो एवं सीपेज के कारण दरधा नदी पर धनरुआ प्रखंड के सीताचक, वीर पंचायत एवं देवदाहा पंचायत में तटबंधों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य जारी है।


इसी क्रम में महतमाइन नदी पर धनरुआ प्रखंड के कसमीरिया एवं बांकी पुर मुरायना तथा पुनपुन नदी पर लखनपुर, फतेहपुर, अलबख्शपुर एवं काली में तटबंधों की मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण  का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना तथा उन्हें समय पर सभी आवश्यक सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने लोगों को आमजन से अपील की है बाढ़ के समय  सावधानी बरतें. अफवाहों से बचें.  बिल्कुल घबराएं नहीं, जिला प्रशासन आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।