Bihar Teacher News: 4 प्याज और 250 ग्राम सरसों तेल में 'मास्टर साहब' बनवाते थे मिड-डे मील का खाना, अब भरेंगे 3 लाख का जुर्माना, स्कूल में कर रहे थे बड़का खेला !
Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूल के हेडमास्टर मिड-डे-मील के खाने में भारी अनियमितता बरत रहे थे। 100 बच्चों का खाना 4 प्याज और 250 ग्राम सरसों तेल में बनाया जा रहा था। वहीं मामला सामने आने पर अब गुरु जी को 3 लाख का जुर्माना चुकाना होगा।
Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में व्यवस्था को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से तमाम कोशिशें की जा रही है। बावजूद इसके आए दिन स्कूलों से लापरवाही और शिक्षकों के द्वारा किए जा रहे हेरा-फेरी की खबरें सामने आ रही है। इसी कड़ी में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां स्कूल के प्रधानाचार्य पर मिड डे मील योजना में भारी घोटाला करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने प्रधानाचार्य पर 3 लाख का जुर्माना लगाया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पूरा मामला सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड स्थित एक मध्य विद्यालय का है। जहां मिड-डे मील योजना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि करीब 100 बच्चों के भोजन के लिए प्रतिदिन केवल 4 प्याज और 250 ग्राम सरसों तेल का उपयोग किया जा रहा था। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलने और उपस्थिति में हेरफेर के आरोपों के बाद विभाग ने प्रधानाचार्य मणिपाल पर 3,07,485 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।
कैसे हुआ खुलासा
यह मामला 30 जनवरी 2026 को हुए निरीक्षण के दौरान सामने आया। जब जांच में बच्चों ने खुद बताया कि उन्हें पर्याप्त और स्वादिष्ट भोजन नहीं मिलता। निरीक्षण के दिन शुक्रवार को अंडा वितरण भी नहीं किया गया था। जांच के समय प्रधानाचार्य विद्यालय में मौजूद नहीं थे और बताया गया कि वे फल लाने गए हैं।
बच्चों की हाजिरी में भी गड़बड़ी
निरीक्षण में मिड-डे मील रजिस्टर भी अद्यतन नहीं मिला, जिससे गड़बड़ी की आशंका और बढ़ गई। इसके अलावा उपस्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। 29 जनवरी को जहां 469 बच्चों की हाजिरी दर्ज थी, वहीं 30 जनवरी को मिड-डे मील में केवल 76 बच्चों की उपस्थिति दिखाई गई। आरोप है कि प्रधानाचार्य स्वयं उपस्थिति दर्ज करते थे और कई बार सातवीं-आठवीं के छात्र मध्यांतर में ही घर लौट जाते थे क्योंकि स्कूल का गेट खुला रहता था।
प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई
इस मामले पर डीपीओ मध्यान भोजन मनीष कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण में गड़बड़ियां मिलने के बाद जांच कर दोषी पाए जाने पर आर्थिक दंड लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और दोषी स्कूलों व प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की जा रही है।