केरल में 26 मई को दस्तक देगा मानसून, बिहार में इस दिन से मानसूनी बारिश, अगले 48 घंटे में दिखेगा बड़ा बदलाव

बिहार में सामान्य मानसून सीजन के दौरान औसतन 1000 से 1200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है। सालाना कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जून से सितंबर के बीच ही होता है

Monsoon in Bihar
Monsoon in Bihar- फोटो : news4nation

Monsoon in Bihar :  भारत में इस साल मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरलम पहुंच सकता है, जबकि सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को केरल में प्रवेश करता है। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ, तो लगातार तीसरे साल मानसून समय से पहले भारत में दस्तक देगा। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है और इसका असर बिहार पर भी दिख सकता है। बिहार में मानसून 8 से 10 जून के बीच पहुंचने का अनुमान है, जो सामान्य समय के करीब है। 


‘अल नीनो’ का असर 

हालांकि इस बार मानसून को लेकर सबसे बड़ी चिंता ‘अल नीनो’ को लेकर है। अमेरिकी मौसम एजेंसी National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) ने संकेत दिया है कि इस साल सुपर अल नीनो की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मानसून कमजोर पड़ने, बारिश कम होने और हीटवेव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अल नीनो प्रशांत महासागर के सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने की स्थिति है। इसका सीधा असर मानसूनी हवाओं पर पड़ता है, जिससे भारत और दक्षिण एशिया में सामान्य से कम बारिश होती है। पिछले वर्षों में भी अल नीनो के दौरान बिहार समेत कई राज्यों में सूखे जैसी स्थिति बनी थी।


बिहार में मानसून सामान्य 

हालांकि शुरुआती संकेतों के मुताबिक बिहार में मानसून की शुरुआत अच्छी रहने की उम्मीद है। राज्य में सामान्य मानसून सीजन के दौरान औसतन 1000 से 1200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है। उत्तर बिहार के जिलों में दक्षिण बिहार की तुलना में अधिक वर्षा होती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार की करीब 75 फीसदी खेती मानसूनी बारिश पर निर्भर है, इसलिए बारिश में कमी का असर धान और मक्का जैसी खरीफ फसलों पर पड़ सकता है।


मानसून आधारित अर्थव्यवस्था

देश में सालाना कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से होता है। यही वजह है कि मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था और खेती दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। 


बिहार में अगला 48 घंटा अहम 

इधर बिहार में अगले 48 घंटे के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खासकर पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और उत्तर बिहार के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।


मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अल नीनो का प्रभाव ज्यादा मजबूत नहीं हुआ, तो बिहार में इस बार मानसून सामान्य रह सकता है। लेकिन जुलाई और अगस्त के दौरान बारिश के वितरण पर लगातार नजर रखनी होगी।