बिहार में बढ़ते कथित एनकाउंटर पर मुकेश सहनी ने जताई गहरी चिंता, कहा-वीआईपी इसके खिलाफ डटकर खड़ी रहेगी

वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमला बोला है। सहनी ने कहा कि जब से सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से कानूनी प्रक्रिया को ताक पर रखकर पुलिसिय

बिहार में बढ़ते कथित एनकाउंटर पर मुकेश सहनी ने जताई गहरी चिं
बिहार में बढ़ते कथित एनकाउंटर को लेकर मुकेश सहनी का सरकार पर हमला- फोटो : देवांशु प्रभात

Patna : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने राज्य में बढ़ती कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में कानून के शासन की जगह पुलिसिया मनमानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। सहनी ने आरोप लगाया कि सूबे में जब से सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ है, तब से एनकाउंटर की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। कई मामलों में यह साफ तौर पर दिख रहा है कि कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।


भरत तिवारी मामले का जिक्र कर सहनी ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

वीआईपी प्रमुख ने कहा कि हालिया दिनों में हुआ भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला आज पूरे बिहार और देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई पिछड़ों, दलितों और गरीब परिवारों के युवाओं को पुलिस की इस तरह की एकतरफा कार्रवाई का शिकार होना पड़ा है। मुकेश सहनी ने मांग की है कि राज्य में हो रहे हर एनकाउंटर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।


पप्पू सहनी एनकाउंटर को बताया हत्या, सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप

सरकार को घेरते हुए मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर की एक पुरानी घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में निषाद समाज के पप्पू सहनी का हुआ एनकाउंटर पूरी तरह फर्जी था और वह प्रशासनिक संरक्षण में की गई एक हत्या थी। उस समय भी वीआईपी ने इस दमन के खिलाफ प्रमुखता से आवाज उठाई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उस वक्त सरकार ने समय रहते निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की होती, तो आज प्रदेश में हालात इतने बेकाबू नहीं होते।


सजा देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट को, जाति-धर्म देखकर काम कर रही सरकार

पूर्व मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि फर्जी एनकाउंटर चाहे तिवारी का हो, सहनी का हो, यादव का हो या अब्दुल का—अन्याय के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ माननीय न्यायालय को है, पुलिस प्रशासन या सरकार को नहीं। सहनी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जाति और धर्म देखकर संवेदनशीलता दिखाती है। अगर पिछड़ों और दलितों के मामलों में भी वही गंभीरता दिखाई जाती जो अन्य चर्चित मामलों में दिखती है, तो जनता का सिस्टम पर भरोसा कायम रहता।


उत्तर प्रदेश के हालातों पर भी साधा निशाना, समाज से एकजुट होने की अपील

अपने बयान के अंत में मुकेश सहनी ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी में भी बड़े पैमाने पर लोगों को गिरफ्तार कर एनकाउंटर की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश और राज्य की जनता अब जागरूक हो रही है। आने वाले समय में आम जनता इस अन्याय, दमन और सत्ता के अहंकार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से जरूर देगी।


देवांशु प्रभात की रिपोर्ट