सुपौल में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा: डीएम सावन कुमार ने शत-प्रतिशत एसीपी लक्ष्य हासिल करने का दिया निर्देश

सुपौल में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा: डीएम सावन कुमार ने शत-
सुपौल में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के भीतर बैंकिंग सेवाओं की प्रगति, ऋण वितरण की स्थिति और वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक साख योजना (ACP) के लक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में आरबीआई (RBI) के अधिकारियों, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग), जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।


मार्च तिमाही में 68.66% रहा एसीपी प्रदर्शन, शत-प्रतिशत लक्ष्य का मिला अल्टीमेटम

समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2026 तिमाही में जिले का वार्षिक साख योजना (ACP) प्रदर्शन 68.66 प्रतिशत रहा है, जबकि क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात 72 फीसदी दर्ज किया गया है। बैंकवार ऋण स्वीकृति की स्थिति जानने के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कम उपलब्धि वाले बैंकों को ऋण वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में हर हाल में शत-प्रतिशत एसीपी लक्ष्य हासिल करना होगा।


पीएमईजीपी, डेयरी, मत्स्य और पशुपालन योजनाओं के लंबित आवेदनों पर सख्त रुख

डीएम ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े ऋण आवेदनों की विशेष रूप से समीक्षा की। बैंकों में लंबित पड़े आवेदनों पर चिंता जताते हुए उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें। उन्होंने साफ किया कि पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


स्वरोजगार और सरकारी ऋण योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक योग्य लाभार्थियों के आवेदन तैयार कर बैंकों को भेजने को कहा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को तेज किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि सरकारी ऋण योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों का धरातल पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। डीएम ने कहा कि जब बैंक और प्रशासनिक विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे, तभी समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचेगा।


आरसेटी ने लक्ष्य से अधिक दिया प्रशिक्षण, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम

बैठक में आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के निदेशक ने भी संस्थान के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि संस्थान ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 100 फीसदी से अधिक की उपलब्धि हासिल की है। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता भी दिलाई जा रही है, जिससे जिले में आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट