यूपी में लोकतंत्र की हत्या, भाजपा सरकार चला रही अघोषित इमरजेंसी: कुशीनगर मामले पर बरसे मुकेश सहनी
बिहार के पूर्व मंत्री और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अपनी पार्टी के कार्यक्रम को रोके जाने पर सूबे की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.....
Patna : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अपनी पार्टी के कार्यक्रम को रोके जाने पर सूबे की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पटना और लखनऊ से जारी एक साझा बयान में सहनी ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में इस वक्त लोकतंत्र का नहीं, बल्कि अघोषित इमरजेंसी का दौर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की वैचारिक और लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने के लिए पुलिस बल का खुलकर दुरुपयोग कर रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
रात में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और होटल बुकिंग रद्द कराने का आरोप
अपने तय कार्यक्रम की बाधाओं का ब्यौरा देते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि उनका रात्रि प्रवास कार्यक्रम पूरी तरह से लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और नियमों के अनुकूल था। इसके बावजूद, स्थानीय जिला प्रशासन ने सत्ता के शीर्ष इशारे पर दबाव बनाकर अंतिम समय में होटल की बुकिंग को रद्द करवा दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने भय का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से वीआईपी कार्यकर्ताओं को रात के वक्त अवैध रूप से हिरासत में ले लिया। सहनी ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जो काम आमतौर पर अपराधी और गुंडे करते हैं, वही दमनकारी काम आज उत्तर प्रदेश का पुलिस-प्रशासनिक अमला कर रहा है।
15 जुलाई को हर हाल में होगा कार्यक्रम, अड़चन आई तो सड़क पर उतरेगी वीआईपी
प्रशासनिक अड़चनों के बाद मुकेश सहनी ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि जिलाधिकारी (DM) मौके पर उपलब्ध नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपर जिलाधिकारी (ADM) को स्पष्ट चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि स्थगित हुआ यह कार्यक्रम आगामी 15 जुलाई को हर हाल में दोबारा इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। सहनी ने एलान किया कि यदि 15 जुलाई को भी प्रशासन ने कोई कानूनी अड़चन या बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की, तो वीआईपी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन की होगी।
प्रभु श्रीराम के नाम पर सत्ता पाई, पर जनता के अधिकारों पर चल रहा बुलडोजर
मुकेश सहनी ने भाजपा की वैचारिक राजनीति पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी प्रभु श्रीराम के पावन नाम पर राजनीति करके सत्ता के सिंहासन तक पहुंची है, लेकिन धरातल पर उनके मर्यादित आदर्शों का सबसे ज्यादा अपमान इसी सरकार में हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज पूरी तरह समाप्त हो चुका है और सरकार सिर्फ जाति, भय तथा बुलडोजर की दमनकारी नीति पर चल रही है। भगवान के नाम पर आने वाले चंदे और जनआस्था का राजनीतिक इस्तेमाल शर्मनाक है, जबकि हकीकत में पिछड़ों, दलितों और वंचितों के अधिकारों को बेरहमी से कुचला जा रहा है।
निषाद समाज प्रभु श्रीराम का सच्चा साथी, दमनकारी सरकार को वोट से देंगे जवाब
वक्तव्य के अंत में वीआईपी प्रमुख ने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ देते हुए कहा कि निषाद समाज अनादि काल से प्रभु श्रीराम का सच्चा और सबसे विश्वसनीय साथी रहा है, और आज भी अपने हक व सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रहा है। यदि भाजपा में थोड़ी भी राजनीतिक नैतिकता बची है, तो उसे निषाद समाज और पिछड़े वर्गों से किए गए अपने पुराने चुनावी वादों को तुरंत पूरा करना चाहिए। सहनी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब इस दमनकारी और तानाशाही राजनीति से पूरी तरह ऊब चुकी है, और आने वाले समय में अपने वोट की ताकत से भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट