पेपर लीक माफियाओं पर ईओयू का शिकंजा: संजीव मुखिया गिरोह का मुख्य गुर्गा दबोचा गया, अभ्यर्थियों को फ्लाइट से ले जाकर रटवाता था प्रश्न-पत्र

EOU ने देश के सबसे चर्चित नीट और बीपीएससी पेपर लीक कांड में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ईओयू ने मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के बेहद करीबी और वांछित अभियुक्त विपुल कुमार उर्फ विपुल शर्मा को पटना से गिरफ्तार कर लिया है।

पेपर लीक माफियाओं पर ईओयू का शिकंजा: संजीव मुखिया गिरोह का म

Patna - आर्थिक अपराध इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य विपुल कुमार पटना के गोला रोड इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद एक विशेष टीम ने छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पूछताछ में विपुल ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से गिरोह के लिए काम कर रहा था और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें सफलता दिलाने का झांसा देता था।

हरियाणा एसटीईटी और बीपीएससी टीआरई-3 में मुख्य भूमिका 

विपुल ने खुलासा किया कि उसने वर्ष 2023 में हरियाणा एसटीईटी का पेपर लीक कराने में संजीव मुखिया की मदद की थी। वह अभ्यर्थियों को विमान से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से सोनीपत के एक रिजॉर्ट में ले गया था, जहाँ लीक प्रश्न-पत्र रटवाए गए थे। इसके अलावा, वह बीपीएससी टीआरई-3 परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी मुख्य अभियुक्त है।

संजीव मुखिया गिरोह का फैलता जाल 

ईओयू ने हाल ही में गिरोह के एक और सदस्य चंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया था। चंदन 2017 से ही टीईटी, नीट, एलडीसी और एमटीएस परीक्षाओं में सेटिंग कराने में शामिल रहा है। वह संजीव मुखिया और उसके बेटे शिव के साथ मिलकर गिरोह के लिए 'कैंडिडेट' (अभ्यर्थी) तलाशने का काम करता था। इन गिरफ्तारियों से गिरोह के बैकएंड ऑपरेशन का पर्दाफाश हो रहा है।

अदालत ने भेजा जेल 

गिरफ्तार अभियुक्त विपुल कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर का रहने वाला है। मंगलवार को ईओयू ने उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज कर रही है।