NEET UG 2026 Cancelled: नीट परीक्षा रद्द, बिहार से जुड़े पेपर लीक के तार, अब CBI करेगी जांच

नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से मचा हड़कंप। बिहार के नालंदा में सॉल्वर गिरोह गिरफ्तार, 50-60 लाख की डील का खुलासा। जानें परीक्षा की नई तारीख और CBI जांच की पूरी अपडेट

NEET UG 2026 Cancelled
नीट परीक्षा रद्द, बिहार से जुड़े पेपर लीक के तार- फोटो : news 4 nation

मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी 2026' के रद्द होने की खबर ने पूरे देश के छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को अनियमितताओं के आरोपों के चलते रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह निर्णय परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया है।


बिहार के नालंदा से जुड़े पेपर लीक के तार

इस पूरे मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तार बिहार के नालंदा जिले से जुड़े पाए गए हैं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले नालंदा पुलिस ने पावापुरी मोड़ के पास से एक सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से भारी मात्रा में नकदी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।


पुलिस की छापेमारी और आरोपियों की गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा के अवधेश कुमार, मोतिहारी के अमन कुमार सिंह और मुजफ्फरपुर के पंकज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 2 लाख 95 हजार रुपये नकद और कुछ वाहन जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी अवधेश कुमार विम्स कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है, जो इस संगठित गिरोह का सक्रिय हिस्सा था।


सॉल्वर गिरोह का जाल और फर्जी एडमिट कार्ड

पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से नीट परीक्षा के कई फर्जी एडमिट कार्ड मिले हैं। इस गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ है, जिसमें शिक्षित और पेशेवर लोग शामिल हैं। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीतामढ़ी के एक डॉक्टर के बेटे हर्षराज और मुजफ्फरपुर के मनोज कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


50 से 60 लाख रुपये की बड़ी डील

राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने इस घोटाले के आर्थिक पक्ष का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह नीट परीक्षा पास कराने के बदले प्रति छात्र 50 से 60 लाख रुपये तक की मांग करता था। सौदा तय होने पर एडवांस के तौर पर 2 लाख रुपये वसूले जाते थे। पुलिस अब उन अन्य लोगों की तलाश कर रही है जिनके नाम आरोपियों ने पूछताछ में उगले हैं।


सीबीआई को सौंपी गई मामले की जांच

अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्णय लिया है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं था, इसलिए अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी।


सुरक्षा प्रोटोकॉल और एआई निगरानी पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि एनटीए ने पहले दावा किया था कि प्रश्न पत्रों को जीपीएस-ट्रैकिंग वाले वाहनों में ले जाया गया था और परीक्षा केंद्रों की निगरानी एआई-सहायता प्राप्त सीसीटीवी कैमरों से की गई थी। इसके बावजूद पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह की सक्रियता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था और दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।


पुनः परीक्षा और भविष्य की योजना

एनटीए ने घोषणा की है कि नीट-यूजी 2026 की परीक्षा अब नई तारीखों पर पुनः आयोजित की जाएगी। आने वाले कुछ दिनों में आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नई समय-सारणी और नए प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि वह सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।