Bihar News: अधिकारियों नए साल की सौगात, बिहार सरकार ने वर्दी के अफसरों पर खोली तरक्की की राह, 26 आईपीएस को रैंक अपग्रेड

Bihar News: बिहार सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के 26 अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से उनके वर्तमान पदों पर ही उच्च रैंक में उत्क्रमित कर दिया है।

New Year Gift Bihar Govt Upgrades Rank of 26 IPS Officers
बिहार सरकार ने वर्दी के अफसरों पर खोली तरक्की की राह- फोटो : social Media

Bihar News: नए साल की पहली सुबह बिहार की सियासत और हुकूमत के गलियारों में एक अहम फैसला चर्चा का सबब बन गया है। नीतीश सरकार ने पुलिस महकमे को ऐसा तोहफा दिया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में वर्दी का मनोबल बढ़ाने वाला कदम कहा जा रहा है। बिहार सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के 26 अधिकारियों को एक जनवरी 2026 से उनके वर्तमान पदों पर ही उच्च रैंक में उत्क्रमित कर दिया है। खास बात यह है कि इन अफसरों को नयी पोस्टिंग नहीं दी गई, बल्कि जिस कुर्सी पर वे तैनात हैं, उसी कुर्सी को बड़ा कद दे दिया गया है।

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के साथ ही यह फैसला लागू हो गया है। सत्ता के करीबी सूत्र इसे प्रशासनिक स्थिरता और अनुभव को सम्मान देने की रणनीति बता रहे हैं, तो वहीं विपक्ष इसे चुनावी साल से पहले अफसरशाही को साधने की सियासत करार दे रहा है।

इस सूची में सबसे चर्चित नाम 1994 बैच के आईपीएस कुंदन कृष्णन का है। उन्हें एडीजी से डीजी रैंक में उत्क्रमित किया गया है। एडीजी (मुख्यालय), एडीजी (अभियान) एसटीएफ और बिहार भवन, नई दिल्ली में ओएसडी जैसे अहम पदों पर तैनात कुंदन कृष्णन अब डीजी स्तर के अधिकारी माने जाएंगे। यह फैसला साफ इशारा करता है कि सरकार भरोसेमंद अफसरों को मजबूत हाथ देना चाहती है।

22 एसपी स्तर के अधिकारियों को डीआईजी वेतनमान (स्केल-13A) में प्रोन्नति दी गई है। इसमें पटना, गया, सारण, सीवान, शिवहर, बगहा जैसे संवेदनशील जिलों के एसएसपी और एसपी शामिल हैं। रेल पुलिस, मानवाधिकार, निगरानी, विशेष कार्यबल, आतंकवाद निरोधक दस्ता और बीसैप जैसे अहम मोर्चों पर तैनात अफसरों को भी तरक्की मिली है।

वहीं 2008 बैच के तीन आईपीएस- कोशी क्षेत्र सहरसा के डीआईजी मनोज कुमार, ईओयू के डीआईजी (साइबर) संजय कुमार और एसटीएफ के डीआईजी विवेकानंद को आईजी रैंक में उत्क्रमित किया गया है। यह कदम कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध और आतंकवाद निरोधक अभियानों को और धार देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बहरहाल  नए साल में बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि वर्दी वालों की काबिलियत और वफादारी का सिला देने में वह पीछे नहीं हटेगी।