मकर संक्रांति के अवसर पर जदयू द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश

बिहार में मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में सियासी दही-चूड़ा भोज भी जारी है

Dahi-Chuda feast organised by JDU
Dahi-Chuda feast organised by JDU- फोटो : news4nation

Nitish Kumar  : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर पूर्व मंत्री एवं जदयू विधायक रत्नेश सादा के आवास पर जदयू द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर रत्नेश सादा ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया।


इस अवसर पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक श्याम रजक, विधायक शीला कुमारी, विधायक संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, विधान पार्षद कुमुद वर्मा, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव  मनीष कुमार वर्मा, पटना की महापौर सीता साहू सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 


एक दिन पहले ही  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही–चूड़ा भोज में शामिल हुए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत राज्य सरकार के कई मंत्री भी मौजूद थे।


सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

बिहार में मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन दही–चूड़ा, तिलकुट और मिठाइयों का सेवन पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। दही–चूड़ा बिहार की भोज्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जो सादगी, समानता और सामूहिकता के भाव को दर्शाता है। गांव से लेकर शहर तक, हर वर्ग के लोग इस पर्व को समान उत्साह से मनाते हैं।