बिहार विधानसभा में मक्का और एथनॉल को लेकर नीतीश सरकार घिरी, सत्ताधारी विधायकों ने घेरा
गायघाट से जदयू विधायक कोमल सिंह ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि एथनॉल प्लांटों में डिमांड कम होने के कारण मक्का की कीमत आधी हो गई है
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में सोमवार को मक्का और एथनॉल से जुड़े मुद्दों पर सत्ताधारी दल के विधायकों ने ही सरकार को घेर लिया। गायघाट से जदयू विधायक कोमल सिंह ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि एथनॉल प्लांटों में डिमांड कम होने के कारण मक्का की कीमत आधी हो गई है, जिससे बिहार के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
इस पर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में एक भी एथनॉल प्लांट बंद नहीं होगा। उन्होंने बताया कि सदन में सवाल उठने के बाद बिहार सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मिला है। मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार में कुल 11 डेडिकेटेड एथनॉल प्लांट हैं, जिनका केंद्र सरकार से करार है। पहले पेट्रोलियम कंपनियां इन प्लांटों से 46 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद करती थीं, लेकिन इस साल करीब 11 करोड़ लीटर की खरीद कम हुई है। हालांकि, यह खरीदारी एक बार फिर से शुरू की जाएगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में 8 ऐसे एथनॉल प्लांट हैं, जिनका केंद्र सरकार से कोई समझौता नहीं है। ऐसे प्लांटों की खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एथनॉल प्लांट बंद होने की अफवाहों को भी खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने गलत माहौल बनाया है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है।
कोमल सिंह के सवाल के समर्थन में छातापुर से विधायक नीरज बबलू ने भी मक्का की गिरती कीमत का मुद्दा उठाया। वहीं कांटी से विधायक अजीत कुमार ने सुझाव दिया कि मक्का को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देकर पैक्स के माध्यम से इसकी खरीदारी की जाए।
इसके जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि एथनॉल का उत्पादन मक्का से होता है और इस साल 11 करोड़ लीटर उत्पादन कम होने के कारण मक्का की कीमतों में गिरावट आई है। जैसे ही एथनॉल का उत्पादन दोबारा बढ़ेगा, मक्का की कीमतों में भी सुधार होगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार में करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से मक्का आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना बहुत जल्द की जाएगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।