20 साल से नहीं टूटी नीतीश कुमार की परंपरा, महाअष्टमी पर फिर पहुंचे पटना के इस मंदिर
नीतीश जब 2005 में सूबे के मुख्यमंत्री बने थे तब से ही वे महाष्टमी के दिन शीतला माता के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं. इस बार भी नीतीश शीतला माता के साथ बड़ी पटन देवी, छोटी पटन देवी में भी महागौरी की पूजा-अर्चना की.
Nitish Kumar : बिहर के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार को महाअष्टमी पर देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की. उन्होंने सबसे पहले पटना के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में पूजा की. उसके बाद वे पटना सिटी स्थित बड़ी पटनदेवी मंदिर एवं छोटी पटनदेवी मंदिर जाकर देवी दुर्गा की आराधना की. पुरोहितों ने मंत्रोचार के साथ नीतीश कुमार से विधिवत पूजा करायी. उन्होंने माँ शीतला देवी, माँ बड़ी पटनदेवी एवं माँ छोटी पटनदेवी माता से राज्य की सुख, शांति, समृद्धि एवं प्रगति की कामना की.
बता दें कि नीतीश जब 2005 में सूबे के मुख्यमंत्री बने थे तब से ही वे महाष्टमी के दिन शीतला माता के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं. इस बार भी नीतीश शीतला माता के साथ बड़ी पटन देवी, छोटी पटन देवी में भी महागौरी की पूजा-अर्चना की. नीतीश कुमार पटनासिटी के विभिन्न शक्ति पीठों और मारूफगंज की बड़ी देवी जी के दर्शन कर माता के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की और उनके चरणों में झुककर आशीर्वाद प्राप्त किया.
नीतीश कुमार का यह लगातार 20 वां वर्ष है जब उन्होंने पटना के शक्तिपीठों में जाकर देवी दुर्गा की पूजा की. सीएम न रहने के बाद भी नीतीश कुमार का देवी आराधना के प्रति जो लगाव है वह फिर से साबित हुआ है. हर वर्ष नीतीश हर अष्टमी को दर्शन करने इन मंदिरों में पहुंचते हैं. मंदिर कमिटी की ओर से नीतीश कुमार को माता का चुंदरी और प्रसाद भेंट किया गया.

शीतला माता मंदिर का खास महत्व
गौरतलब है कि शीतला माता मंदिर पटना के सबसे पुराने देवी मंदिरों में एक है। इस मंदिर और यहां स्थिर कुएं को लेकर कई प्रकार की लोक मान्यता और दंत कथाएं हैं। नवरात्री के दौरान यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और देवी की पूजा करते हैं। ऐसे में नीतीश भी यहां देवी की पूजा करने आते हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र के अष्टमी दिन के समय आज नीतीश कुमार सुबह सुबह पटना के शक्तिपीठों में माता के दर्शन के लिए पहुँच गए।

पटना का नाम ही देवी पटनदेवी पर
इसी तरह पटना का नाम ही पटनदेवी के नाम से है. पटना सिटी इलाके में बड़ी पटन देवी और छोटी पटन देवी के मंदिर हैं. पटना की अधिष्ठात्री देवी इन्हीं को माना जाता है. ऐसे में जिनके नाम से पटना का पौराणिक और अध्यात्मिक अस्तित्व हैं इन मंदिरों से नीतीश कुमार का खास जुड़ाव और लगाव रहा है. बताया जाता है कि यही कारण है कि वे हर वर्ष दुर्गा पूजा में इन मन्दिरों में पूजा-अर्चना के लिए जरुर जाते हैं. यह अनवरत 20वां वर्ष है जब नीतीश ने इन मंदिरों में जाकर महा अष्टमी को पूजा की.
रजनीश की रिपोर्ट