Bihar Politics : नीतीश के करीबी चुन चुनकर ‘लोकसेवक आवास’ से हो रहे आउट, सम्राट ने इनकी कराई एंट्री, कईयों की कराई ‘ताजपोशी’

Bihar Politics : सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद लोकसेवक आवास से कई अधिकारियों की छुट्टी हो गयी है. वहीँ कई अधिकारियों की इंट्री भी हुई है......पढ़िए आगे

Bihar Politics : नीतीश के करीबी चुन चुनकर ‘लोकसेवक आवास’ से
सीएमओ से आउट - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए। एक अन्ने मार्ग को छोड़कर वे 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट में हो गए। वहीँ मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने 1 अन्ने मार्ग का नाम बदलकर लोकसेवक आवास कर दिया है। इसके बाद नीतीश कुमार के कई करीबी अधिकारियों की भी अब इस आवास से छुट्टी होने होने लगी है। तेज तर्रार आईएएस अधिकारी कुमार रवि और चंद्रशेखर सिंह को पहले मुख्यमंत्री आवास से दूसरी जगह भेजा गया। दोनों अधिकारी नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे। 5 महीने पहले बिहार के IAS-IPS अधिकारियों की बड़ी संख्या में ट्रांसफर पोस्टिंग की गई थी। इस बदलाव में CM सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के भरोसेमंद रहे IAS के रवि और IAS चंद्रशेखर सिंह को CMO से साइड किया। नीतीश के भरोसेमंद रहे कुमार रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जलसंसाधन विभाग का सचिव बना दिया गया है।

दीपक हुए बाहर

वहीँ आज हुए तबादले में बिहार सरकार ने IAS अधिकारी दीपक कुमार को भी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया है। उन्हें बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। दीपक कुमार 1984 बैच के IAS हैं। वे बिहार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्हें नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में माना जाता है। 21 मार्च 2021 से वे CM नीतीश कुमार के प्रधान सचिव थे। 20 मार्च 2021 को वो मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए थे। रिटायर होने के एक दिन बाद इन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। मुख्य सचिव से पहले वे बिहार के विकास आयुक्त भी रहे।

कौन हैं दीपक कुमार

दीपक कुमार 1984 बैच के बिहार कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और IIT से M.Tech की डिग्री हासिल की। दीपक कुमार ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान 13 जिलों में DM के तौर पर काम किया। वे 2017 से 2018 तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के चेयरमैन रहे। इसके अलावा उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के महानिदेशक (DG) की जिम्मेदारी भी संभाली। दीपक कुमार ने स्वास्थ्य, नगर विकास, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट, IPRD समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां भी संभाली हैं।

सम्राट ने की इन अधिकारियों की ताजपोशी  

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केवल नीतीश के करीबी अधिकारियों को CMO से नहीं हटाया। बल्कि इनकी जगह उन्होंने अपने दो भरोसेमंद अधिकारी लोकेश कुमार और संजय सिंह की वहां एंट्री भी कराई है। 2003 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी लोकेश कुमार सिंह के पास 23 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। इन्होंने पश्चिम चंपारण, मधुबनी, गया, सीवान, सारण और मुंगेर जैसे जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया है। वहीँ स्वास्थ्य, भूमि राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बिहार बोर्ड और ग्रामीण विकास समेत 14 विभाग में काम कर चुके हैं।स्वास्थ्य विभाग के सचिव के रूप में कोरोना काल के दौरान इन्होंने अपनी एक अलग छाप छोड़ी थी। लोकेश सम्राट चौधरी के साथ 2024 में भी काम कर चुके हैं। तब सम्राट वित्त विभाग के मंत्री और लोकेश सिंह वित्त विभाग के सचिव थे। 

सीएमओ पहुंचे संजय सिंह

इसी तरह सम्राट चौधरी  के शपथ ग्रहण के साथ ही संजय सिंह की CMO में एंट्री तय हो गई थी। बिहार की ब्यूरोक्रेसी में संजय सिंह की पहचान एक तेज-तर्रार और काबिल अधिकारी की है। इन्हें बिहार की शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स की बेहतर समझ है। फिलहाल ये गृह विभाग के OSD थे। नई सरकार के गठन के बाद (नवंबर 2025) से बतौर OSD लगातार सम्राट चौधरी के साथ थे। CMO में एंट्री कराकर CM ने संजय सिंह को उनके काम का इनाम दिया है। 

पुलिस अधिकारियों को बड़ी जिम्मेवारी

यहीं नहीं सम्राट चौधरी की सरकार बनने के लंबे समय से शंटिंग में चल रहे दो IPS अधिकारी IG विकास वैभव और ADG सुधांशु कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। लंबे समय से चर्चा में रहे आईपीएस विकास वैभव को बिहार राज्य योजना परिषद के परामर्शी पद से हटाकर फील्ड में भेजा गया। उन्हें मगध क्षेत्र का पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। जबकि राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) रहे सुधांशु कुमार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया।