Bihar News : बिहार में अब महिलाओं के हाथ में होगी पिंक बसों की कमान, 500 महिला चालकों और संवाहकों की होगी बहाली, परिवहन मंत्री ने किया ऐलान

Bihar News : बिहार में अब महिलाओं के हाथ में होगी पिंक बसों

PATNA : बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा को बढ़ावा देने के लिए चल रही 100 पिंक बसों के संचालन को और मजबूत किया जाएगा| राज्य सरकार जल्द ही पिंक बसों में 250 महिला चालकों और 250 महिला संवाहकों की नियुक्ति करने जा रही है। यह जानकारी परिवहन मंत्री सह बिहार हॉकी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार ने मंगलवार को दी। वे परिवहन परिसर में महामना हॉकी गोल्ड कप-2026 की ट्रॉफी और शुभंकर 'गोलू गौरैया' के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने बताया कि यह पहला महामना हॉकी गोल्ड कप 19 से 21 जनवरी तक राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में ओलंपियन भरत क्षेत्री, अशोक ध्यानचंद और श्रेयशी सिंह सहित कई हस्तियां मौजूद रहेंगी। इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें भाग लेंगी, जिनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल होंगे। विजेता विजेता टीम 1 लाख रुपये, उपविजेता टीम 75 हजार रुपये, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर देना है। 

पंचायतों में हो रही खेल क्रांति

मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पंचायत स्तर पर 6,800 खेल मैदानों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से 5 हजार से अधिक मैदान बनकर तैयार हो चुके हैं। इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को निखारना और बिहार को बेहतर खेल प्रदर्शन वाले राज्यों की टॉप-5 सूची में शामिल करना है। महामना हॉकी गोल्ड कप प्रतियोगिता बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (बीएसएसए), हॉकी एसोसिएशन ऑफ बिहार, क्रीडा-भारती और महामना मालवीय मिशन की ओर से आयोजित की जा रही है। खिलाड़ियों को ओलंपियन कोचों द्वारा कड़ी ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

पिंक बस में 6 महादलित महिलाओं चालक

मंत्री ने बताया कि राज्य के 8 जिलों में वर्तमान में 100 पिंक बसें संचालित हो रही हैं, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है। गणतंत्र दिवस(26 जनवरी) के मौके पर गांधी मैदान में परिवहन विभाग की झांकी में 6 महादलित महिला चालक पिंक बस चलाएंगी। इसके अलावा, औरंगाबाद स्थित आईडीटीआर से ट्रेनिंग पूरी कर चुकी महिला चालकों को जल्द ही पिंक बस चलाने का लाइसेंस जारी किया जाएगा। 

विभाग सड़क सुरक्षा पर दे रहा जोर: मंत्री

परिवहन मंत्री ने कहा कि स्लीपर बसों का मानक के अनुसार परिचालन नहीं हो रहा है और कई बसें सीटर बस के परमिट लेकर स्लीपर में मॉडिफाई की जा रही हैं। ऐसे सभी मामलों की जांच कर परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई परिवहन मंत्रियों की बैठक में फैसला लिया गया है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए केंद्र सरकार अब डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता देगी। साथ ही, सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को अब 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। राज्य में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया और नालंदा जैसे 6 जिलों में जीरो फैटेलिटी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए रोड सुधार समेत अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, दुर्घटना में घायलों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए दो हजार से अधिक एम्बुलेंस को 102 इमरजेंसी नंबर से टैग किया जा रहा है। झारखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से बिहार आवागमन सुलभ हो इसके लिए राज्य में जल्द ही 149 नई इंटरस्टेट बसें शुरू की जाएंगी।

धीरज की रिपोर्ट