Bihar News : पटना में DDC, मनरेगा PO के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने किया उद्घाटन, कहा ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

Bihar News : मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की कि 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के तहत अब अकुशल श्रम करने के इच्छुक पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।

Bihar News : पटना में DDC, मनरेगा PO के उन्मुखीकरण कार्यक्रम
उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : विकसित भारत- जी राम जी योजना के संबंध में उप विकास आयुक्तों, एनइपी निदेशकों एवं मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों का एक-दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन मुख्य सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी के तहत अब प्रतिवर्ष अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक पात्र ग्रामीणों को प्रति वर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। योजना के मुख्य बिन्दुओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कृषि और मौसम आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। श्रवण कुमार ने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में विकसित भारत जी राम जी के तहत एक समान मजदूरी निर्धारित करने का अनुरोध किया साथ ही उन्होनें केंद्र सरकार से पूर्व की लंबित राशि को शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया।

ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई मोर्चों पर राज्य की उपलब्धि सराहनीय रही है। जल संरक्षण हेतु बिहार के चेक डैम मॉडल को पूरे देश ने अपनाया है, साथ ही कुआँ एवं तालाब निर्माण में बिहार को राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया है। माननीय मंत्री ने कहा कि अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, वर्तमान वर्ष में 1.25 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जल-जीवन- हरियाली अभियान के शुरुआत में राज्य में हरित क्षेत्र 9 प्रतिशत था, जो बढ़ कर 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है, उन्होंने इसे और बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 33 प्रतिशत तक ले जाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने राज्य में मनरेगा अंतर्गत खेल मैदान निर्माण के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धि की भी चर्चा की। 

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार देने की योजना प्राचीन काल से चली आ रही है। इसमें जरूरत के अनुसार समय-समय पर बदलाव किए जाते रहे हैं। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम उसी का आधुनिक स्वरूप है, जो आज की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि बड़े राज्यों में बिहार ही ऐसा पहला राज्य है जहां इस अधिनियम को सबसे पहले कैबिनेट से पारित किया गया। इस पूरी योजना को ग्रामीण क्षेत्र की आधारभूत संरचना, जीविका, जल प्रबंधन और प्राकृतिक आपदा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि योजना के लागू होने के बाद गांवों में आधुनिक ग्रामीण हाट बनाने के साथ-साथ इनका राष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्किंग भी किया जाएगा। किसानों के उत्पादों को भंडारित करने के लिए भी तकनीकी आधारित सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक संजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बिहार का विकसित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सभी काम व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए। केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 6715 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन दिया है। यह राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष के बचे हुए नौ महीनों के लिए है। उन्होंने व्यवस्थित तरीके से योजना निर्माण करने पर बल दिया।

जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कई अहम कार्य किए गए। अब वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्रीकृत करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए कृषि और पशु पालन आधारित उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तैयार की जाने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में महिलाओं और युवाओं की समुचित सहभागिता जरूरी है। कार्यक्रम में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के परियोजना पदाधिकारी नबनीता दास, बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाईटी के मुख्य परिचालन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह समेत ग्रामीण विकास विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों उपस्थिति रही।