BSSC परीक्षा तिथि घोषित नही होने से लाखों अभ्यर्थियों में आक्रोश, सचिव और ओएसडी को सौंपा ज्ञापन

बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय बहाली के विज्ञापन के तकरीबन तीन साल बीतने के बाद भी परीक्षा की तिथि घोषित नहीं होने से अभ्यर्थियों में आक्रोश व्याप्त है। आज छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने बीएसएससी के सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा....

BSSC परीक्षा तिथि घोषित नही होने से लाखों अभ्यर्थियों में आक
BSSC परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) द्वारा विभिन्न परीक्षाओं की तिथि जारी नहीं किए जाने के कारण प्रदेश भर के लाखों अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी सिलसिले में अभ्यर्थियों को गोलबंद करने के लिए छात्र नेता दिलीप कुमार शुक्रवार को बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के साथ पटना स्थित बीएसएससी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अधिकारियों से मिलकर अपनी चिंताओं और मांगों को मजबूती से सामने रखा।


सचिव और ओएसडी को सौंपा गया ज्ञापन

आयोग के कार्यालय पहुंचने पर छात्र नेता दिलीप कुमार और प्रियंका पटेल को बीएसएससी के सचिव संजय निराला और ओएसडी शहबाज खान से मुलाकात कराई गई। इस मुलाकात के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से लंबित परीक्षाओं की तिथियां तुरंत घोषित करने, संविदा वेटेज को हटाने और पूरी पारदर्शिता के साथ ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कराने की मांग की गई है।


तीन साल से लंबित है इंटर स्तरीय बहाली

अधिकारियों से वार्ता के बाद छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय बहाली के विज्ञापन को आए अब लगभग तीन साल बीतने वाले हैं, लेकिन अभी तक प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं हो सकी है। इसी तरह, चतुर्थ स्नातक स्तरीय बहाली और बीएसओ (BSO) का विज्ञापन भी एक साल पहले आया था, जो कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक अधर में लटका हुआ है। इन देरी की वजह से करीब 50 लाख से अधिक अभ्यर्थी मानसिक तनाव और आक्रोश में हैं।


संविदा वेटेज को बताया भ्रष्टाचार का नया रास्ता

दिलीप कुमार ने ज्ञापन के माध्यम से 25 प्रतिशत संविदा वेटेज के प्रावधान का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह नियम मेधावी और बेरोजगार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, धांधली और 'सेटिंग' को बढ़ावा देने का एक सुरक्षित रास्ता तैयार करता है। छात्र नेता ने पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए आयोग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव और उपाय भी सुझाए।


15 दिनों का अल्टीमेटम, वरना होगा महाआंदोलन

सकारात्मक वार्ता के बाद सचिव और ओएसडी ने छात्रों को बताया कि शुक्रवार को ही कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है, जिसमें परीक्षाओं को जल्द से जल्द आयोजित कराने पर मंथन हुआ है। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी जाएंगी। वहीं, ओएसडी शहबाज खान ने गेट पर आकर बाहर खड़े अन्य अभ्यर्थियों के सामने भी इस बात को दोहराया। इसके बावजूद छात्र नेता ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आयोग के गेट पर एक बड़ा महाआंदोलन शुरू किया जाएगा।


नरोत्तम की रिपोर्ट