पंचायती राज विभाग के मंत्री की अधिकारियों और कर्मियों से अपील, हर शुक्रवार नहीं करेंगे निजी वाहनों का उपयोग
पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने एक अनुकरणीय पहल की है। विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने एक विशेष अपील जारी की है....
Patna : पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने एक अनुकरणीय पहल की है। विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने एक विशेष अपील जारी करते हुए विभाग के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के तेल आयात को कम करना और प्रकृति को प्रदूषण मुक्त रखने में योगदान देना है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील से ली प्रेरणा
मंत्री दीपक प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील से प्रेरणा लेकर लिया गया है। पंचायती राज विभाग अब पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपना सक्रिय योगदान सुनिश्चित करेगा। इस कदम को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
शुक्रवार को सार्वजनिक परिवहन का होगा उपयोग
नई व्यवस्था के तहत, विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रत्येक शुक्रवार को कार्यालय आने-जाने के लिए अपने निजी ईंधन-चालित वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। इसके स्थान पर उन्हें सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। सरकार का मानना है कि सप्ताह में एक दिन सामूहिक रूप से इस नियम का पालन करने से ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
पैदल और साइकिल चलाने वालों का होगा स्वागत
पर्यावरण के प्रति जागरूकता को और गहरा करने के लिए विभाग ने कर्मचारियों को पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो कर्मचारी पैदल या साइकिल से दफ्तर पहुंचेंगे, उनका विभाग में स्वागत किया जाएगा। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए शारीरिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को इस नियम से छूट दी गई है, वे अपनी सुविधानुसार यात्रा कर सकते हैं।
समाज को दिया सादगी और संरक्षण का संदेश
पंचायती राज विभाग की इस पहल का उद्देश्य न केवल संसाधन बचाना है, बल्कि आम जनता को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। विभाग के इस संदेश से स्पष्ट है कि सरकारी स्तर पर शुरू हुई यह छोटी सी कोशिश आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकती है। दीपक प्रकाश ने उम्मीद जताई है कि अन्य विभाग और नागरिक भी इस मुहिम से जुड़कर देश के विदेशी मुद्रा भंडार और पर्यावरण को बचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

नरोत्तम की रिपोर्ट