पांडव हत्याकांड: दिल्ली में पीड़ित परिवार से मिले प्रशांत किशोर, बिहार सरकार पर जमकर बोला हमला

पांडव हत्याकांड: दिल्ली में पीड़ित परिवार से मिले प्रशांत कि
पांडव के परिजनों से मिले प्रशांत किशोर- फोटो : नरोत्तम कुमार

Delhi/Patna : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को दिल्ली में खगड़िया निवासी मृतक पांडव कुमार के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने घटना को 'जघन्य अपराध' करार देते हुए बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। पीके ने कहा कि अगर बिहार में रोजगार की उचित व्यवस्था होती, तो पांडव जैसे युवाओं को पलायन कर दूसरे राज्यों में कठिन परिस्थितियों में काम करने नहीं जाना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कथित बर्बरता ने एक गरीब परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य को छीन लिया है, जिससे उनका पूरा सपोर्ट सिस्टम बिखर गया है।


13 दिन बाद भी प्रशासन मौन; मुआवजे और कार्रवाई की मांग

प्रशांत किशोर ने बताया कि घटना के 13 दिन बीत जाने और दशकर्म पूरा होने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई सुध लेने नहीं आया है। पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब और असहाय है, जिन्हें अपने अधिकारों और मुआवजे की प्रक्रिया तक की जानकारी नहीं है। पीके ने आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से जिला मजिस्ट्रेट (DM) से बात कर मामले की पूरी जानकारी लेंगे। उन्होंने मांग की कि आरोपी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दिल्ली व बिहार सरकार मिलकर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाएं।


जीतन राम मांझी के बयान पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के विवादित बयान "मर गए तो मर गए" पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उनकी मानसिकता और सत्ता की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी का जवान बेटा चला जाए, तो उस दुख को केवल वही परिवार समझ सकता है। प्रशासन के लिए गरीब केवल एक 'आंकड़ा' बनकर रह गए हैं क्योंकि उनकी कोई मजबूत आवाज नहीं है। पीके ने संकल्प लिया कि वे इस असहाय परिवार की आवाज बनेंगे और सरकार की जवाबदेही तय करवाएंगे।


पटना लौटकर मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात; सम्राट चौधरी से भी अपील

प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि वे जब पटना लौटेंगे, तो बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह करेंगे। उन्होंने ध्यान दिलाया कि खगड़िया जिला, जहां का मृतक निवासी था, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गृह क्षेत्र भी है। उन्होंने भाजपा नेता रेखा गुप्ता से भी न्याय दिलाने में सहयोग की अपील की। पीके ने स्पष्ट किया कि चाहे दिल्ली में कोई सुने या न सुने, बिहार सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा और न्याय के लिए आगे आना ही होगा।


पलायन और भेदभाव पर गहरी चिंता; आवाज बुलंद करने का भरोसा

मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से आने वाले प्रवासियों को अक्सर स्थानीय स्तर पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। पांडव के मामले में भी परिजनों का आरोप है कि 'बिहारी' कहकर उसे गोली मारी गई। पीके ने कहा कि उनकी कोशिश इस पीड़ित परिवार को प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे हर संभव प्रयास करेंगे ताकि गरीब परिवार को न्याय मिले और दोषियों को सजा भुगतनी पड़े।


नरोत्तम की रिपोर्ट