पप्पू यादव ने बच्चियों के लिए पटना के हॉस्टलों बताया सबसे ज़्यादा सुरक्षित : संचालकों से कहा-बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए बनाएं बेहतर माहौल

Bihar News : पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राजधानी पटना में लड़कियों के लिए चल रहे हॉस्टलों को सबसे ज्यादा सुरक्षित बताया है। वहीं उन्होंने होस्टल संचालकों से सिर्फ इसे व्यवसाय न मानकर इसे बच्चों के लिए बेहतर शैक्षेणिक माहौल बनाने की अपील की है.....

पप्पू यादव ने बच्चियों के लिए पटना के हॉस्टलों बताया सबसे ज़

Patna : राजधानी के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बोरिंग रोड में आज बिहार हॉस्टल ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पटना के विभिन्न हॉस्टलों में रह रहे छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षा पुख्ता करना और उन्हें पढ़ाई के लिए एक आदर्श एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था। कार्यक्रम में शहरभर के सैकड़ों हॉस्टल संचालक अपनी एकजुटता दिखाने पहुंचे।


हॉस्टलों को महज एक व्यवसाय न समझें : पप्पू यादव 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने सबसे पहले उन हॉस्टल संचालकों का आभार व्यक्त किया जो बच्चों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित माहौल दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि कुछ गिने-चुने हॉस्टलों की लापरवाही के कारण पूरे एसोसिएशन और सभी संचालकों को बदनामी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सभी मालिकों से अपील की कि वे अपने हॉस्टलों को महज एक व्यवसाय न समझें, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए वहां पूरी तरह से एक सकारात्मक और शैक्षणिक माहौल तैयार करें।


कोटा और दिल्ली से बेहतर है पटनाशिक्षा के गिरते स्तर पर जताई चिंता

सांसद पप्पू यादव ने पटना की शैक्षणिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में राजस्थान के कोटा या दिल्ली जैसे शहरों से कहीं अधिक उचित और सुरक्षित माहौल बिहार की राजधानी पटना में मौजूद है। विशेषकर छात्राओं के लिए पटना के हॉस्टल सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं, लेकिन इस साख और व्यवस्था को हमें और अधिक मजबूत बनाना होगा। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चिंता जताई कि आज देश में हथियारों पर तो भारी-भरकम बजट खर्च किया जाता है, लेकिन शिक्षा का बजट और नैतिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसे सुधारने की सख्त जरूरत है।


बेटियों को उच्च शिक्षा देना जरुरी 

उन्होंने देश के विकास में नारी शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब तक हम अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं देंगे, तब तक देश के विकसित होने का सपना अधूरा रहेगा। कोटा जैसे शहरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां पढ़ाई के अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण हर साल हजारों बच्चे आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। बच्चे केवल पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि एक सुरक्षित आजादी और अच्छे माहौल की चाह में घर से बाहर निकलते हैं, इसलिए हमें उन्हें डिप्रेशन से बचाकर एक बेहतर और सहयोगात्मक वातावरण देना होगा।


नेताओं के हॉस्टलों पर लगे प्रतिबंधबच्चियों की सुरक्षा के लिए दिए कड़े निर्देश

पप्पू यादव ने सेल्टर होम जैसी जगहों पर बच्चों के साथ होने वाले शोषण पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वह बिहार के भविष्य और यहां की बेटियों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने हॉस्टल मालिकों को स्पष्ट हिदायत दी कि लड़कियों के हॉस्टल में किसी भी पुरुष कर्मचारी को न रखा जाए। इसके स्थान पर शिक्षित और संवेदनशील महिला वार्डन की नियुक्ति की जाए, जो बच्चियों की हर छोटी-बड़ी समस्या को समझ सकें। साथ ही, उन्होंने लड़कियों के रात में आने-जाने के समय पर उचित निगरानी रखने और पहली बार गांव या छोटे शहरों से पटना आने वाली छात्राओं को विशेष काउंसलिंग व सही गाइडेंस देने की बात कही।


नेताओं के हॉस्टलों पर लगे प्रतिबंध

अपने संबोधन के अंत में सांसद ने एक बड़ा बयान देते हुए मांग की कि राजनीतिक रसूख वाले नेताओं द्वारा पर्दे के पीछे से चलाए जा रहे हॉस्टलों को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, क्योंकि वहां नियमों की अनदेखी की आशंका सबसे ज्यादा होती है। इस पूरी प्रेस वार्ता के दौरान बिहार हॉस्टल ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सैकड़ों की संख्या में मौजूद हॉस्टल मालिकों ने सांसद के इन सुझावों का स्वागत किया और हॉस्टलों में सुरक्षा व अनुशासन के नए मानकों को लागू करने का संकल्प लिया।


नरोत्तम की रिपोर्ट