पप्पू यादव का 'लाइव' धमाका: नीट छात्रा का हुआ बलात्कार, साक्ष्य मिटाने को अस्पताल में दी गई 30 सुइयां ; खाकी और हॉस्टल मालकिन पर बड़ा हमला

सांसद पप्पू यादव ने नीट मामले में एक छात्रा की मौत को हत्या और बलात्कार करार दिया है। उन्होंने पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जाँच में बाधा डालने का आरोप लगाया।

पप्पू यादव का 'लाइव' धमाका: नीट छात्रा का हुआ बलात्कार, साक्

Patna - सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवाद और एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक सुनियोजित हत्या और बलात्कार की साजिश करार देते हुए सनसनीखेज दावे किए हैं। पप्पू यादव ने कहा कि छात्रा की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मारा गया है। 

बलात्कार और हत्या का गंभीर आरोप

पप्पू यादव ने दावा किया कि छात्रा के साथ बलात्कार हुआ है और उसके कपड़ों पर मिले साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना के प्रभात मेमोरियल और मेदांता अस्पताल में छात्रा को बिना परिजनों की अनुमति के 30 से अधिक सुइयां दी गईं ताकि उसकी मौत हो जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए बिना माता-पिता की सहमति के उसकी प्रेग्नेंसी जाँच क्यों की गई। 

पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल

सांसद ने सीधे तौर पर पटना के सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को निशाने पर लिया है। उन्होंने सवाल किया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की मालकिन नीलू अग्रवाल को क्यों छोड़ा गया, जबकि मनीष को अब तक किस आधार पर हिरासत में रखा गया है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि वार्डन और गार्ड इस घटना के मुख्य सूत्रधार हैं और करोड़ों रुपये देकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। 

सीबीआई जाँच और साक्ष्यों में हेराफेरी

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एसआईटी (SIT) और सीबीआई (CBI) को असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छात्रा की मूल डायरी के बजाय फोटोकॉपी सीबीआई को दी गई है और परिवार को सीसीटीवी फुटेज व हार्ड डिस्क नहीं दिखाया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित डॉक्टरों, वार्डन और गार्ड के मोबाइल कॉल डिटेल्स सार्वजनिक करने की मांग की है। 

शिक्षा व्यवस्था और आत्महत्या का मुद्दा

छात्रों की समस्याओं पर बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर मात्र 10 मिनट की देरी के कारण बच्चों को प्रवेश न देना एक 'बेकार कानून' है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि इस नियम की वजह से छात्र मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं और आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में दो बच्चों द्वारा की गई आत्महत्या का जिक्र कर व्यवस्था पर कड़ा तंज कसा। 

साजिश और निजी सुरक्षा पर बयान

पप्पू यादव ने लाइव के दौरान दावा किया कि उन्हें भी मरवाने की साजिश रची जा रही है, लेकिन वे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने पूर्णिया में दुकानों में लगी आग की घटना का जिक्र करते हुए व्यवस्था की नाकामी को उजागर किया। साथ ही, उन्होंने विपक्ष के नेताओं से आग्रह किया कि वे इस मामले में चुप्पी तोड़ें और पीड़ित परिवार के न्याय के लिए सवाल उठाएं।

Report - narroatam kumar