Bihar News : आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी के लिए पटेल समाज ने खोला मोर्चा, ललन सिंह पर साधा निशाना

Bihar News : पटेल समाज ने आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी को लेकर मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने जदयू सांसद ललन सिंह पर जमकर निशाना साधा.....पढ़िए आगे

Bihar News : आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी के लिए पटेल समाज
पटेल समाज ने खोला मोर्चा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पूर्व केन्द्रीय मंत्रीआरसीपी सिंह की जदयू में वापसी कराने के मुद्दे को लेकर पटेल समाज एकजुट हो गया है। पटेल समाज से जुड़े कई संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने व आंदोलन करने की बात कही है। पटेल समाज कई संगठनों को मिलकर बने पटेल परिवार की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पटेल परिवार के संयोजक अखिल भारतीय धानुक महासंघ के अध्यक्ष शंकर प्रसाद, सम्राट अशोक फाउंडेशन के अध्यक्ष निरंजन कुशवाहा, कर्मी विकास परिषद के महासचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, अखिल भारतीय कुमी्र सेना के अध्यक्ष जितेन्द्र पटेल, कुर्मी जागरण मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार एवं  अखिल भारतीय कुर्मी सेना के उपाध्यक्ष भूषण सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि जब जदयू छोड़ने के बाद पूर्व सांसद अरुण कुमार, लवली आनंद, आनंद मोहन, श्याम रजक, मंजीत सिंह, उपेन्द्र कुशवाहा अनंत सिंह, रमेश कुशवाहा, अजीत कुमार सहित दर्जनों नेता की पूर्नवापसी हो सकती है। तो फिर पूर्व केन्द्रीय मंत्री व जदयू के संगठनकर्ता आरसीपी के जदयू में आने से क्या विवाद है।

कहा की जब केन्द्रीय मंत्री 2010 में पार्टी में रहकर कांग्रेस की मुखबिरी करते हुए मुख्यमंत्री के पेट में दांत होने और फिर उसे ऑपरेशन कर निकालने की बात कहने के बाद फिर से जदयू में आ सकते हैं तो आरसीपी सिंह तो गत 11 जनवरी को मुख्यमत्री नीतीश कुमार को अभिभावक बताकर माफी मांगने की बात कर रहे हैं। इन नेताओं ने कहा कि इस मसले को लेकर जल्द ही उनका प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनकी वापसी का आग्रह करेगा। और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को तेज करते हुए एक दिवसीय धरना का भी आयोजन करेगा। 

संयोजक शंकर प्रसाद ने कहा कि ललन सिंह को डर हो गया है अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व आरसीपी सिंह एक हुए तो जदयू 2010 की तरह मजबूत हो जायेगा और ललन सिंह का कद कम हो जायेगा। उन्होंने ललन सिंह के आरोप 2020 के चुनाव में पार्टी के 72 से 42 पर करने के आरोप के बारे में कहा कि सबको पता है कि 2020 चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को राष्ट्रीय महासचिव से अध्यक्ष बनाया था। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह पर अक्सर बाहुबलियों को संरक्षण देने का आरोप लगता है। हाल ही में (नवंबर 2025 में) मोकामा में अनंत सिंह के लिए प्रचार करने और उन्हें "क्लीन चिट" देने के कारण पार्टी की 'सुशासन' वाली छवि को धक्का लगा। पार्टी में टूट और असंतोष: ललन सिंह की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर कई बार असंतोष देखा गया है। 2014-15 के दौरान उनके कारण ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू जैसे कई विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी। कई नेता उन पर पार्टी को "हाईजैक" करने का आरोप लगाते रहे हैं। 

विरोधियों का तर्क है कि जब ललन सिंह पार्टी के अध्यक्ष थे, तब जदयू की सीटें 72 से घटकर 43 (2020 विधानसभा) पर आ गईं, जिसके लिए उनकी रणनीति को जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में जब ललन सिंह ने जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, तब भी कई खबरें आईं कि वे नीतीश कुमार के खिलाफ 'तख्ता पलट' की योजना बना रहे थे। आरोप लगे कि ललन सिंह गुपचुप तरीके से लालू यादव और तेजस्वी यादव के संपर्क में थे। ताकि नीतीश कुमार को हटाकर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। 2010 में पार्टी छोड़ने के बाद वे कांग्रेस के करीब चले गए थे और नीतीश कुमार के खिलाफ चुनावी रैलियों में भाषण दिए थे। ललन सिंह नूे नीतीश कुमार को "धोखेबाज" तक करार दिया था और कहा था कि उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीस जैसे अपने गुरुओं को भी नहीं छोड़ा? ललन सिंह ने 2010 में नीतीश कुमार के खिलाफ खुला विद्रोह किया था।