Patna News: सीवर में मौत का खेल खत्म,अब मैनहोल में नहीं उतरेंगे कर्मचारी, रोबोटिक मशीनों से होगी मेनहोल की सफाई -पेड़ कटाई
Patna News: राजधानी पटना में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और तकनीकी बदलाव किया जा रहा है, जिसे नगर प्रशासन की आधुनिक क्रांति माना जा रहा है।...
Patna News: राजधानी पटना में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और तकनीकी बदलाव किया जा रहा है, जिसे नगर प्रशासन की आधुनिक क्रांति माना जा रहा है। अब शहर के मैनहोल और सीवर की सफाई मानव श्रमिकों के बजाय अत्याधुनिक मशीनों से कराई जाएगी, जिससे वर्षों से चली आ रही जानलेवा परंपरा पर रोक लग सकेगी।
नगर निगम ने फैसला लिया है कि कुल 6 मैनहोल स्कैवेंजर मशीनें मंगाई जाएंगी। हर अंचल में एक मशीन तैनात रहेगी, जो मैनहोल की सफाई पूरी तरह तकनीकी और सुरक्षित तरीके से करेगी। इससे सफाई कर्मियों को जहरीले गैसों से भरे सीवर के गड्ढों में उतरने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी, जो अब तक कई दर्दनाक हादसों की वजह बनती रही है।
इन आधुनिक मशीनों में हाई-टेक कैमरे और गैस सेंसर लगाए गए हैं, जो मैनहोल के अंदर की स्थिति और जहरीली गैसों की पहचान तुरंत कर लेते हैं। इसके साथ ही रोबोटिक आर्म्स इंसानी हाथों की तरह काम करते हैं और ठोस कचरे को आसानी से बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं। यह तकनीक सफाई व्यवस्था में सुरक्षा और दक्षता दोनों का नया अध्याय जोड़ रही है।
यह पूरी खरीद प्रक्रिया भारत सरकार के ई-मार्केटप्लेस यानी सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से की जाएगी, जो पारदर्शी और डिजिटल खरीद प्रणाली के लिए जाना जाता है।
इस आधुनिकरण के साथ-साथ नगर निगम ने 20 कंक्रीट ब्रेकर और 20 इलेक्ट्रिक वुड कटर भी मंगाने की योजना बनाई है। मानसून से पहले यह तैयारी इसलिए की जा रही है ताकि बारिश के दौरान गिरने वाले पेड़ों और जाम सड़कों की समस्या से तुरंत निपटा जा सके। हाल ही में भारी बारिश के दौरान पटना के कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ था, जिससे आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसी को देखते हुए अब नगर निगम ने तय किया है कि जेसीबी या बाहरी विभागों पर निर्भर रहने के बजाय खुद के संसाधनों से तुरंत कार्रवाई की जाएगी।नए उपकरणों का वितरण भी अंचलों के अनुसार तय किया गया है पाटलिपुत्र, नूतन राजधानी, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में अलग-अलग मशीनें तैनात होंगी।कुल मिलाकर यह कदम न केवल सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि शहरी प्रबंधन में तकनीक आधारित बदलाव की दिशा में एक बड़ा सुधार भी साबित हो सकता है।