पटना-आरा मार्ग पर कोहराम: ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंदा, पूजा कर लौट रहे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत

पटना के बिहटा में रविवार को एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को कुचल दिया। पूजा से लौट रहे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। 2 दिन में यह दूसरी बड़ी घटना है।

पटना-आरा मार्ग पर कोहराम: ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंदा

Patna - : बिहटा थाना क्षेत्र के खेदलपुरा गांव के पास रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार एक दंपत्ति को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान भोजपुर जिले के बड़हरा थाना अंतर्गत पुराना सबलपुर (बबुरा) निवासी 55 वर्षीय त्रिशूल पांडेय और उनकी 50 वर्षीया पत्नी गीता देवी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

देवी पूजा कर लौट रहे थे घर

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, त्रिशूल पांडेय अपनी पत्नी के साथ देवी पूजा में शामिल होने के बाद बाइक से पटना की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे खेदलपुरा के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दंपत्ति ट्रक के चक्कों के नीचे आ गए। सूचना मिलते ही बिहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। 

48 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी वारदात

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि इसी स्थान पर मात्र दो दिन पहले भी एक महिला की सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि खेदलपुरा का यह मोड़ अब 'डेथ जोन' बनता जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है, लेकिन चालक चकमा देकर भागने में सफल रहा। फिलहाल पुलिस फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। 

निर्माण कार्य और बालू माफियाओं का आतंक

हादसे के पीछे एलिवेटेड सड़क निर्माण और अवैध बालू लदे ट्रकों की बेलगाम आवाजाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन में 'नो-इंट्री' के बावजूद बालू लदे ओवरलोड ट्रक तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ते हैं। निर्माण कार्य के कारण उड़ती धूल से दृश्यता (विजिबिलिटी) कम हो जाती है और सड़कों पर बिखरा हुआ बालू दोपहिया वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इसके अलावा, मार्ग पर कहीं भी स्पीड ब्रेकर या ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था नहीं है। 

प्रशासन से सुरक्षा और ठोस कार्रवाई की मांग

बार-बार हो रहे हादसों से गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल हादसे के वक्त आश्वासन देता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। ग्रामीणों ने भारी वाहनों के लिए अलग रूट निर्धारित करने, निर्माण स्थल पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक लगाने और ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती की मांग की है ताकि भविष्य में निर्दोष लोगों की जान न जाए।