पटना में हलचल तेज: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर NDA विधायकों की महाबैठक, राज्यसभा चुनाव पर बनी रणनीति
राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए विधायकों की अहम बैठक शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन और 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले, एनडीए अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने और चुनावी रणनीति क
Patna - : राज्यसभा चुनाव के मतदान से ठीक पहले पटना में एनडीए ने अपनी ताकत झोंक दी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर विधायकों और गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा है, जहाँ आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
एनडीए के दिग्गज जुटे एक साथ
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर चल रही इस महत्वपूर्ण बैठक में सत्ता पक्ष के सभी प्रमुख चेहरे मौजूद हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ-साथ एनडीए के अन्य घटक दलों के अध्यक्ष और विधायक शामिल हैं। यह बैठक राज्यसभा की खाली हो रही सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई है।

राज्यसभा चुनाव बना प्रतिष्ठा का सवाल
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में इस बार मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एनडीए ने अपनी संख्या बल के आधार पर उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जदयू) और भाजपा के नितिन नवीन जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले एनडीए अपने एक-एक वोट को सहेजने और किसी भी प्रकार की 'क्रॉस वोटिंग' की संभावना को खत्म करने की कोशिश में है।
विपक्ष की चुनौती और आंतरिक तालमेल

बैठक में गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय (Coordination) पर चर्चा की जा रही है। चूँकि आरजेडी की ओर से भी उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए एनडीए नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने का संदेश दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्यसभा चुनाव के तकनीकी पहलुओं और वोटिंग प्रक्रिया के बारे में भी विधायकों को जानकारी दी जा रही है।
सम्राट चौधरी का आवास बना सियासी केंद्र
पिछले कुछ दिनों से सम्राट चौधरी का आवास बिहार की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। इस बैठक को न केवल राज्यसभा चुनाव, बल्कि राज्य में एनडीए की भविष्य की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बिहार की सत्ता में होने वाले संभावित बदलावों के बीच इस एकजुटता को बेहद अहम माना जा रहा है।
Report - Narrottam kumar