सिटी एसपी ने बेउर थाने में पुलिसकर्मियों की लगाई पाठशाला, छात्रों की तरह जमीन पर बैठाकर ली क्लास, हथियार चलाने का लिया टेस्ट

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानूप्रताप सिंह ने बेउर थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान न केवल फाइलों को खंगाला गया, बल्कि पुलिसकर्मियों की हथियार चलाने की दक्षता की भी जमीनी परीक्षा ली गई।

सिटी एसपी ने बेउर थाने में पुलिसकर्मियों की लगाई पाठशाला, छा

Patna - राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में आज नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानूप्रताप सिंह ने बेउर थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान न केवल फाइलों को खंगाला गया, बल्कि पुलिसकर्मियों की हथियार चलाने की दक्षता की भी जमीनी परीक्षा ली गई।

फाइलों से लेकर तकनीक तक की बारीक पड़ताल 

निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी श्री भानूप्रताप सिंह ने बेउर थाना की कार्यप्रणाली का 'पोस्टमॉर्टम' किया। उन्होंने थाना दैनिकी, हाजत, मालखाना और वायरलेस सेट की स्थिति जांची। विशेष रूप से CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) प्रणाली और सिरिस्ता कार्यों का अवलोकन करते हुए उन्होंने डिजिटल रिकॉर्ड और कागजी कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हथियारों की 'खोल-जोड़' परीक्षा से मचा हड़कंप 

निरीक्षण में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों की युद्धक क्षमता को परखा। जवानों और अधिकारियों से मौके पर ही हथियारों को खोलने और वापस जोड़ने (Weapon Assembling/Disassembling) का अभ्यास कराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में हथियार धोखा न दें, इसके लिए नियमित रख-रखाव और त्वरित प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण अनिवार्य है।

वैज्ञानिक अनुसंधान और पारदर्शिता का मंत्र 

लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए सिटी एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को पुरानी लीक छोड़कर 'वैज्ञानिक पद्धति' से जांच करने की सलाह दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अनुसंधान समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए ताकि जनता को न्याय के लिए भटकना न पड़े। पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता ही आम जनता के बीच खाकी का इकबाल बुलंद करेगी।

अपराधियों पर नकेल के लिए 'नाइट पेट्रोलिंग' पर जोर 

क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एसपी ने रात्रि गश्ती और वाहन जांच को लेकर कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने निर्देश दिया कि गश्ती केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जाए। वाहन जांच अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है।

सतर्कता और जनसेवा का कड़ा अनुशासन 

अंत में, एसपी ने सभी कर्मियों को अनुशासन और कानून-व्यवस्था के उच्च मानकों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील लेकिन अपराधियों के प्रति कठोर होना चाहिए। निरीक्षण के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिसकर्मियों को हर पल 'कॉम्बैट मोड' में रहना होगा।