पटना वालों के लिए बड़ी खुशखबरी,नए फ्लाईओवर पर अगस्त से दौड़ेंगी गाड़ियां, GPO से बाइपास का सफर होगा आसान, जाम से मिलेगी बड़ी राहत
वर्षों से निर्माणाधीन जीपीओ गोलंबर से बाइपास को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर परियोजना अब अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच चुकी है।...
Patna Flyover: राजधानी पटना के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से निर्माणाधीन जीपीओ गोलंबर से बाइपास (एनएच-30) को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर परियोजना अब अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच चुकी है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के मुताबिक, करबिगहिया गोलंबर से मीठापुर गोलंबर और करबिगहिया से बाइपास तक फ्लाईओवर, पहुंच पथ और सर्विस लेन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। विभाग का दावा है कि अगस्त महीने से इस फ्लाईओवर पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
करीब 1730 मीटर लंबी इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी और इसकी अनुमानित लागत 292.74 करोड़ रुपये है। परियोजना के तहत सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर, कैरिजवे और अन्य प्रमुख निर्माण कार्य 95 प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि जुलाई के अंत तक शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम निरीक्षण के उपरांत इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
इस फ्लाईओवर के शुरू होने से जीपीओ गोलंबर से एनएच-30 तक की कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। सबसे बड़ी राहत उन हजारों लोगों को मिलेगी जो रोज़ाना इस मार्ग से कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचते हैं। फिलहाल जीपीओ गोलंबर से नीचे उतरते ही लगने वाले भीषण जाम के कारण लोगों का काफी समय बर्बाद होता है, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना का सीधा लाभ चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU), राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, कृषि भवन समेत आसपास स्थित कई संस्थानों में आने-जाने वाले छात्रों, कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलेगा। साथ ही बाइपास की ओर जाने वाले भारी वाहनों और शहर के भीतर आने-जाने वाले ट्रैफिक का दबाव भी संतुलित होगा।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, इस फ्लाईओवर के चालू होने के बाद आर ब्लॉक से मीठापुर गोलंबर तक सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। वहीं इसका जुड़ाव पहले से बने मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से भी होगा, जिससे शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों की यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद अब यह परियोजना राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की ओर बढ़ रही है। यदि तय समय पर अगस्त में फ्लाईओवर जनता के लिए खोल दिया जाता है, तो पटना के लाखों लोगों को रोज़ाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी और जीपीओ से बाइपास तक का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।